आईटीएम वल्र्ड म्यूजिक फेस्टिवल-3.0 में रही एस्टोनिया फोक साॅन्ग-म्यूजिक की धूम
- आईटीएम यूनिवर्सिटी ग्वालियर के नाद एम्फीथिएटर में पुल्लुप ग्रुप ने दी एक से बढ़कर एक एस्टोनिया के फोक म्यूजिक और इंस्ट्रूमेंटल की लाइव प्रस्तुति
- जमकर थिरके छात्र-छात्राएं
- आज किलबेटमेकर की प्रस्तुति में दिखेगा लैटिन अमेरिकी संगीत का जोश
ग्वालियर । आईटीएम यूनिवर्सिटी ग्वालियर का सिथौली परिसर स्थित नाए एम्फीथिएटर जहां आकर्षक मध्यम रोशनी में एस्टोनिया के फोक म्यूजिक और स्ट्रूमेंटल की लाइव प्रस्तुति देते एस्टोनिया के चर्चित पुल्लुप ग्रुप (यूरोविजन फाइनलिस्ट) के कलाकार। फ्यूजन साॅन्ग पर मस्ती में थिरकते छात्र-छात्राएं ओर युवाओं का अंदाज कुछ अलग ही नजर आया। यह अवसर था दो दिवसीय ‘आईटीएम वल्र्ड म्यूजिक फेस्टिवल-3.0 के शुभारंभ अवसर का। इस मौके पर आईटीएम यूनिवर्सिटी ग्वालियर की चांसलर श्रीमती रुचि सिंह, प्रो-चांसलर डाॅ. दौलत सिंह चौहान, वाइस चांसलर प्रोफेसर डाॅ. योगेश उपाध्याय सभी संकायों के डीन, विभागध्यक्ष, शैक्षणिक और कार्यालयीन स्टाॅफ सहित संस्थान में अध्ययनरत देशी और विदेशी छात्र-छात्राएं बड़ी संख्या में मौजूद रहे।
आईटीएम यूनिवर्सिटी ग्वालियर द्वारा आयोजित दो दिवसीय ‘आईटीएम वल्र्ड म्यूजिक फेस्टिवल-3.0‘ के प्रथम दिवस ‘पुल्लुप ग्रुप‘ के आर्टिस्ट रेमो टेडर, मार्को वेइसन और द प्यानो मैन अभिप्रय ने एस्टोनिया के पारंपरिक फाॅल्क सोन्ग और स्ट्रूमेंटल की एक से बढ़कर एक प्रस्तुतियां अपने ही अंदाज में दी।
जमकर थिरके छात्र-छात्राएं
रेमो टेडर और मार्को वेइसन ने एस्टोनिया के पारंपरिक वाद्य यंत्र ताल्हार्प का बखूबी प्रयोग किया। यह प्राचीन तार वाला वाद्य यंत्र एस्टोनिया और आसपास के बाल्टिक क्षेत्र की लोक संगीत पंरपरा से जुड़ा है। पुल्लुप ग्रुप ने इस वाद्य यंत्र की ध्वनि को आधुनिक इलेक्ट्राॅनिक प्रभावों और अनूठी लय के साथ जोड़ साॅन्ग की मनमोहक प्रस्तुति दी। आईटीएम वल्र्ड म्यूजिक फेस्टिवल-3.0 का शुभारंभ शाम 6 बजे से हुआ। जहां पुल्लुप ग्रुप ने ‘माताफाना, कासेकेसेद, कैपापू, लीगुतागे वास्तु, पाला यार्वे वाला बार, वीमाने सूसाताया, पुह्या तूलिक, होम्मे ऑन युल्गेम सहित अन्य पारंपरिक गीत-संगीत और स्ट्रूमेंट्स की प्रस्तुति के साथ छात्र-छात्राओं को थिरकने के लिए मजबूर कर दिया। पुल्लुप बैंड की फोक गायन और वादन की प्रस्तुतियों में उन्होंने वहां की खेती, अकेलापन, शिक्षा के संदर्भ में भी गाने गाये। पुल्लुप की प्रस्तुति की खासियत यह रही की संगीत की लैय और स्ट्रूमेंटल की धुन ने छात्र-छात्राओं को थिरकने के लिए प्रेरित किया।
आज किलबेटमेकर की प्रस्तुति में दिखेगा लैटिन अमेरिकी संगीत का जोश
आईटीएम वल्र्ड म्यूजिक फेस्टिवल 3.0 में द्वितीय दिवस यानी 29 अक्टूबर को किलबेटमेकर के कलाकार प्रस्तुति देने के लिए आ रहे हैं। बता दें कि कोलंबिया के मेडेलिन शहर से जुड़ा किलबेटमेकर एक लाइव बैंड और वैश्विक क्लब संगीत प्रोजेक्ट है। इसके संस्थापक हिल्डरब्रांडो ओसोर्नाे संगीत निर्माता, गायक-गीतकार और साउंड इंजीनियर हैं। समूह की संगीत शैली में कुम्बिया, एंडीज क्षेत्र की पारंपरिक लय, अफ्रोबीट्स, अमापियानो और इलेक्ट्रॉनिक संगीत का अनूठा मिश्रण मिलता है। समूह यूरोप और लैटिन अमेरिका के 43 से अधिक शहरों में अपनी प्रस्तुतियां दे चुका है।