ग्वालियर RTO कंग का दोहरा खेल उजागर — NHAI के 10 पत्रों को किया नजरअंदाज, ओवरलोडेड खनन माफिया को संरक्षण
, हाईवे पर ईमानदार ट्रक ड्राइवरों से अवैध वसूली; RTI एक्टिविस्ट की शिकायत पर मंत्रालय ने दिए जांच के आदेश*
*ग्वालियर।* ग्वालियर के प्रभारी RTO *विक्रम सिंह कंग (विक्रमजीत सिंह कंग)* पर लगे आरोपों की पुष्टि अब सरकारी कागजों से हो रही है।
*RTI फाउंडेशन के अध्यक्ष संजय दीक्षित* द्वारा *20 जुलाई 2026* को परिवहन सचिव को की गई शिकायत में साफ लिखा था कि RTO कंग मुख्य सूचना आयुक्त के आदेश ए-2406/02.09.2020 का उल्लंघन कर NHAI द्वारा भेजे गए कार्रवाई पत्रों को छिपा रहे हैं। इस शिकायत को गंभीरता से लेते हुए *मंत्रालय वल्लभ भवन ने 07-09-2026 को पत्र क्र. 1/1290257/2026* से परिवहन आयुक्त ग्वालियर को जांच कर तथ्यात्मक प्रतिवेदन भेजने को कहा।
इधर *NHAI PIU-ग्वालियर* के *19-08-2025* के पत्र से खुलासा होता है कि मेहरा टोल पर पकड़े गए सैकड़ों ओवरलोडेड खनन वाहनों की लिस्ट 10 बार RTO को भेजी गई, पर आज तक Motor Vehicle Act में कोई कार्रवाई नहीं हुई। आरोप है कि इसी अनदेखी के बदले संरक्षण दिया जा रहा है।
जब खनन के ओवरलोडेड डंपरों को छोड़ा जा रहा है, तो दूसरी तरफ *NH-44 पर डबरा में* निर्दोष ट्रक ड्राइवरों से *500 से 1000 रु की वसूली* का खेल चल रहा है, जिसके खिलाफ 21 अक्टूबर को 400-500 वाहनों ने 2 किमी लंबा जाम लगाया। पुलिस को *आरक्षक बालाजी गुर्जर को सस्पेंड* करना पड़ा।
*सवाल:* जब NHAI जैसी केंद्रीय एजेंसी, मंत्रालय और आम ट्रक ड्राइवर — तीनों एक ही RTO पर उंगली उठा रहे हैं, तो जांच सिर्फ आरक्षक तक ही क्यों सीमित?
RTI फाउंडेशन ने मांग की है कि GAD गाइडलाइन 25-04-2007 के तहत 1 माह में जांच पूरी कर दोषी RTO अधिकारी पर *RTI Act 20(1)(2) और BNS 111(1), 228, 229* में FIR दर्ज हो।