अब कार्बाइड गन बेचने वालों की खैर नहीं
- ई प्लेटफार्म और बाजारों में पुलिस रखेगी नजर
ग्वालियर। दीपावली पर लोगों की आंखों की रोशनी छीनने वाली कार्बाइड गन की बिक्री और निर्माण रोकने के लिए ग्वालियर पुलिस ने तैयारी शुरू कर दी है। एसएसपी धर्मवीर सिंह ने साफ किया है कि कार्बाइड गन को ऑनलाइन व्यावसायिक प्लेटफॉर्म से लेकर स्थानीय बाजारों तक कहीं भी बिकने नहीं दिया जाएगा। इसके लिए पुलिस की टीमें बनाई गई हैं, जो ई-कॉमर्स साइटों पर उपलब्ध कार्बाइड गन की जानकारी जुटाने के साथ लोकल बाजारों में भी जांच करेंगी। स्थानीय स्तर पर कार्बाइड गन बनाने वालों पर भी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस ऑनलाइन प्लेटफॉर्म से इनकी बिक्री हटवाने के लिए संबंधित कंपनियों से संपर्क करेगी।
एसएसपी धर्मवीर सिंह ने बताया कि जिनके पास से कार्बाइड गन बरामद होती है, उनके खिलाफ पुलिस अब आर्म्स एक्ट के साथ ही अत्यंत तेज विस्फोटक ज्वलनशील पदार्थों के तहत मामले दर्ज किए जाएंगे। हर थाना स्तर पर इन पर रोक लगाने के लिए एक अलग से टीम बनेगी, जो अपने-अपने क्षेत्र में इसका कारोबार करने पर रोक लगाएगी। पिछले साल दीपावली के दौरान कार्बाइड गन से हुए हादसों ने चिंता बढ़ा दी थी। ग्वालियर जिले में 36 लोग घायल हुए थे। इनमें कई लोगों की आंखों को गंभीर नुकसान पहुंचा था, जबकि 18 लोगों के कॉर्निया में चोट आई थी। प्रदेशभर में दीपावली के दौरान ऐसे हादसों में 316 लोग घायल हुए थे। इन घटनाओं के बाद 24 अक्टूबर 2025 को ग्वालियर में कार्बाइड गन के निर्माण और इस्तेमाल पर प्रतिबंध लगाया गया था। बुधवार को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए अधिकारियों को दीपावली पर सुरक्षा सुनिश्चित करने और कार्बाइड गन पर प्रभावी नियंत्रण के निर्देश दिए। इसके बाद जिला प्रशासन ने कार्बाइड गन और कैल्शियम कार्बाइड से बने विस्फोटक पदार्थों के इस्तेमाल की सूचना देने वालों को पुरस्कृत करने की घोषणा की है। हालांकि, गुरुवार तक जिले में प्रतिबंध का नया आदेश जारी नहीं हुआ है। ऐसे में फिलहाल नई प्रतिबंधात्मक कार्रवाई के औपचारिक आदेश का इंतजार है।
कार्बाइड गन में इस्तेमाल होने वाला कैल्शियम कार्बाइड पानी के संपर्क में आने पर एसिटिलीन गैस बनाता है। इससे दबाव पैदा होता है और विस्फोट जैसी तेज आवाज होती है। इस प्रक्रिया में गंभीर चोट लगने और आंखों की रोशनी तक जाने का खतरा रहता है। पुलिस और प्रशासन का जोर अब हादसे होने के बाद कार्रवाई करने के बजाय बिक्री और निर्माण पर पहले ही रोक लगाने पर है और इसे अब व्यवसायिक प्लेटफार्म पर भी नहीं बिकने देने की तैयारी है।