वैश्य समाज का शस्त्र पूजन हुआ, समाज की महिलायें भी वीरांगना अवतार में दिखीं
- साक्षी बने सुप्रीम कोर्ट के पूर्व न्यायाधिपति जितेन्द्र माहेश्वरी व हाईकोर्ट जज राजेश गुप्ता
ग्वालियर। दशहरे पर ग्वालियर के वैश्य समाज ने वृहद पैमाने पर एक अनूठा आयोजन किया। इस आयोजन में वैश्य समाज के 500 से भी अधिक स्त्री पुरूषों ने शस्त्र एवं शास्त्र का विधिवत पूजन किया। वैश्य महासम्मेलन के इस आयोजन में 11 पंडित आचार्यों ने पूजन प्रक्रिया संपन्न कराई। इस शस्त्र एवं शास्त्र पूजन के साक्षी बने सुप्रीम कोर्ट के पूर्व न्यायाधिपति श्री जितेन्द्र कुमार माहेश्वरी व हाईकोर्ट ग्वालियर खंडपीठ के न्यायमूर्ति श्री राजेश कुमार गुप्ता। इसके अलावा समाज की अन्य विभूतियों ने भी शस्त्र एवं शास्त्र पूजन में हिस्सा लिया।

वैश्य महासम्मेलन के इस अनूठे आयोजन का आव्हान प्रांतीय उपाध्यक्ष मुकेश अग्रवाल ने किया था। शस्त्र एवं शास्त्र पूजन में दौ सौ से भी अधिक महिलाओं की भागीदारी उल्लेखनीय रही। महिलायें भी वीरांगना अवतार में हथियार लिये और साफा बांधकर पूजन में बैठी। पूजन में भाग लेने वाले सभी लोगों को साफे भी बांधे गये। महिलाओं को भी बसंती कलर के साफे बांधे गये। शस्त्र पूजन में सभी पुरूष एवं महिलायें अपने लायसेंसी हथियार लेकर आये थे। जिनके पास लायसेंसी हथियार नहीं थे। वह अपने साथ तलवार, कटार, गदा आदि लेकर आये थे। कुछ लोगों को गदा आयोजकों द्वारा भी उपलब्ध कराई गई। इस मौके पर सुप्रीम कोर्ट के पूर्व न्यायाधिपति श्री जितेन्द्र कुमार माहेश्वरी ने कहा कि हमारे भारतीय पुरातन इतिहास में शस्त्र पूजन परंपरा रही है। भगवान श्रीराम ने भी युद्ध से पहले शस्त्रों की पूजा कर देवी शक्ति का आव्हान किया था। वैसे वैश्य समाज ने इस सकारात्मक परंपरा की शुरूआत की है। मेरा तो यही कहना है कि हमें अपने कर्म के द्वारा ही ईश्वरीय शक्ति प्राप्त होती है, शस्त्र रखने की अपनी मर्यादा भी है, इसको ध्यान रखे। साथ ही यह भी याद रखे कि आप ईश्वर अंश है ईश्वर नहीं।

इस मौके पर हाईकोर्ट खंडपीठ ग्वालियर के न्यायमूर्ति श्री राजेश गुप्ता ने कहा कि वैश्य समाज के शस्त्र एवं शास्त्र पूजन में आकर उन्हें बेहद प्रसन्नता हो रही है। उन्हें यह देखकर अचंभा और खुशी हो रही है कि वैश्य समाज के लोग भी इतने शस्त्रधारी है। उन्होंने कहा कि वैसे वैश्य समाज अपनी शक्ति का उपयोग समाज हित में करता रहा है और हमें भी इसी उददेश्य को ध्यान में रखना है। जैसे महाराजा अग्रसेन सदा समाज की भलाई में रहते थे, हमारी शक्ति किसी की परेशानी न बने यह भी ध्यान रखे। वैश्य महासम्मेलन के प्रदेश उपाध्यक्ष मुकेश अग्रवाल ने आयोजन की विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि वैश्य महासम्मेलन ऐसे आयोजनों की शुरूआत अब प्रदेशभर में भी कर रहा है। प्रदेश उपाध्यक्ष मुकेश अग्रवाल ने कहा कि दशहरे पर शस्त्र पूजन का उद्देश्य है कि प्रभु राम की कृपा से हम संकल्पित हो कि हमारा शस्त्र सदैव आत्मसम्मान और न्याय की रक्षा के लिए उठे मर्यादादित हो और कानून का पालन करें, कभी हमारे शस्त्र से कोई अन्याय या अमर्यादित आचरण न हो।पूर्व में मुकेश अग्रवाल सहित संभागीय अध्यक्ष जगदीश मित्तल, प्रदेश महामंत्री अनिल जैन, जिलाध्यक्ष अजय गोयल, कमल गोयल, कपिन जैन, अग्रवाल महासभा के सुरेश बंसल, अशोक गोयल, आशीष जैन, पारस जैन आदि ने अतिथियों का स्वागत किया। स्वागत भाषण युवा इकाई के अध्यक्ष विवेक गुप्ता ने दिया व आभार प्रदर्शन वरूण गुप्ता ने किया।
जबकि कार्यक्रम में पूर्व विधायक मुन्नालाल गोयल, जीडीए उपाध्यक्ष सुधीर गुप्ता, भाजपा जिला उपाध्यक्ष विनय जैन, विनय अग्रवाल, आशीष जैन, चेंबर उपाध्यक्ष संदीप नारायण अग्रवाल, सुरेन्द्र अग्रवाल, ज्योति अग्रवाल आदि भी प्रमुख रूप से उपस्थित थे।