शीतला मंदिर हादसे में 16वीं मौत, 52 घंटे बाद जिंदगी की जंग हारे घायल मोतीराम
ग्वालियर| शीतला माता मंदिर के पास हुए सड़क हादसे में मंगलवार सुबह 16वीं मौत हो गई। हादसे में गंभीर रूप से घायल 78 वर्षीय मोतीराम प्रजापति ने इलाज के दौरान लिंक हॉस्पिटल में दम तोड़ दिया। वे मंदिर परिसर में गेट के पास प्रसाद की दुकान चलाते थे। शनिवार-रविवार की दरमियानी रात (17 अक्टूबर) बेकाबू ट्रक श्रद्धालुओं को रौंदता हुआ आया था, जिसकी चपेट में आने से मोतीराम गंभीर रूप से घायल हो गए थे। हादसे के करीब 52 घंटे बाद उनकी मौत से सातऊ गांव में शोक की लहर है।
हादसे में 57 श्रद्धालु ट्रक की चपेट में आए। 15 लोगों की मौत पहले ही हो चुकी थी। एक और घायल की मौत के बाद मरने वालों की संख्या 16 हो गई है। 41 लोग घायल हैं। मृतकों में 5 किशोर, एक महिला और 8 पुरुष हैं। परिजन मोतीराम को घायल अवस्था में लिंक हॉस्पिटल लेकर पहुंचे थे। उनके बेटे भी इसी अस्पताल में नौकरी करते हैं। डॉक्टरों के मुताबिक, हादसे में लगी चोट के कारण उनकी खून की नली में थक्का जम गया था। इसे सुपरफिशियल फीमोरल थ्रोम्बोसिस बताया गया। मोतीराम को 2024 में हार्ट अटैक आया था, जिसके बाद उनके दिल में स्टेंट डाला गया था। डॉक्टरों की टीम लगातार उनकी निगरानी कर रही थी, लेकिन मंगलवार सुबह इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। मोतीराम मंदिर परिसर के गेट के पास प्रसाद की दुकान लगाकर परिवार का भरण-पोषण करते थे। हादसे के बाद से उनका लिंक हॉस्पिटल में इलाज चल रहा था। स्वास्थ्य विभाग भी उनकी स्थिति पर नजर रख रहा था। सोमवार शाम CMHO अस्पताल पहुंचे थे और मोतीराम व उनके परिजनों से मुलाकात कर हालचाल जाना था। मंगलवार सुबह उनकी मौत की खबर मिलते ही परिवार में मातम छा गया।