हरदा। हरदा जिले के किसानों के लिए सिंचाई के क्षेत्र में एक बड़ी खुशखबरी सामने आई है। किसानों के खेतों तक सिंचाई का पानी पहुंचाने के लिए महत्वाकांक्षी शहीद ईलाप सिंह माइक्रो उद्वहन सिंचाई परियोजना के विस्तार का मार्ग प्रशस्त हुआ है। परियोजना के अंतर्गत वर्तमान में स्वीकृत 26,890 हेक्टेयर कमांड क्षेत्र में अतिरिक्त 13,086 हेक्टेयर क्षेत्र को शामिल किए जाने का प्रस्ताव है। इसके बाद परियोजना का कुल सिंचाई क्षेत्र बढ़कर 39,976 हेक्टेयर हो जाएगा।
यह महत्वपूर्ण पहल हरदा जिले के किसानों के लिए लंबे समय से आवाज उठाते आ रहे पूर्व कृषि मंत्री एवं वरिष्ठ भाजपा नेता कमल पटेल के निरंतर प्रयासों का परिणाम है। कमल पटेल द्वारा क्षेत्र के किसानों की मांग को शासन के समक्ष लगातार प्रमुखता से उठाया गया और तवा सिंचाई परियोजना के अंतिम छोर पर स्थित गांवों में पानी की उपलब्धता की समस्या के स्थायी समाधान के लिए शहीद ईलाप सिंह माइक्रो उद्वहन सिंचाई परियोजना में अतिरिक्त क्षेत्र को शामिल करने की मांग की जाती रही।
13,086 हेक्टेयर अतिरिक्त क्षेत्र को मिलेगा सिंचाई का पानी
परियोजना के विस्तार से हरदा, हंडिया, खिरकिया एवं टिमरनी तहसील के कुल 118 गांवों को लाभ मिलेगा। वर्तमान में परियोजना से 26,890 हेक्टेयर क्षेत्र सिंचित किया जाना प्रस्तावित है। अतिरिक्त 13,086 हेक्टेयर क्षेत्र जुड़ने के बाद कुल 39,976 हेक्टेयर क्षेत्र सिंचाई के दायरे में आएगा। विशेष रूप से तवा सिंचाई परियोजना के अंतिम छोर पर स्थित उन गांवों को इसका लाभ मिलेगा, जहां किसानों को समय पर पर्याप्त पानी उपलब्ध नहीं होने के कारण रबी फसल में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।
₹993.38 करोड़ की पुनरीक्षित लागत
अतिरिक्त क्षेत्र को परियोजना में शामिल करने पर लगभग ₹247.72 करोड़ का अतिरिक्त व्यय प्रस्तावित है। इसके साथ नवीन अनुबंधित राशि ₹756.76 करोड़ तथा जीएसटी सहित परियोजना की कुल पुनरीक्षित लागत ₹993.38 करोड़ परिगणित की गई है। परियोजना के विस्तार के बाद लगभग 144.94 एमसीएम जल का उपयोग कर 39,976 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई की जाएगी। परियोजना के लिए लगभग 18.30 मेगावाट विद्युत खपत का आकलन किया गया है।
कमल पटेल बोले — किसान के खेत तक पानी पहुंचाना ही सबसे बड़ा संकल्प
पूर्व कृषि मंत्री कमल पटेल ने कहा कि हरदा जिले की पहचान कृषि प्रधान क्षेत्र के रूप में है और यहां के किसान मेहनत में कभी पीछे नहीं रहते। आवश्यकता केवल इतनी है कि किसान को उसकी फसल के लिए समय पर पर्याप्त पानी मिले।
उन्होंने कहा कि “हरदा जिले का कोई भी किसान सिंचाई के अभाव में अपनी फसल को सूखते हुए देखने के लिए मजबूर न हो, यही मेरा संकल्प रहा है। शहीद ईलाप सिंह माइक्रो उद्वहन सिंचाई परियोजना में 13,086 हेक्टेयर अतिरिक्त क्षेत्र को जोड़ने की पहल किसानों के हित में एक बड़ा कदम है। इससे हजारों किसान परिवारों को लाभ मिलेगा और हरदा की कृषि व्यवस्था को नई मजबूती मिलेगी।”
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में केंद्र सरकार और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव जी के नेतृत्व में मध्यप्रदेश सरकार लगातार किसान कल्याण और सिंचाई विस्तार को प्राथमिकता दे रही है। हर खेत तक पानी पहुंचाना प्रधानमंत्री जी के ‘पर ड्रॉप मोर क्रॉप’ और किसान हितैषी विकास के संकल्प को धरातल पर उतारने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
किसानों में खुशी की लहर
परियोजना के विस्तार की खबर से हरदा जिले के किसानों में उत्साह और खुशी का वातावरण है। किसानों का कहना है कि तवा परियोजना के अंतिम छोर पर होने के कारण लंबे समय से पानी की उपलब्धता एक बड़ी समस्या रही है। यदि शहीद ईलाप सिंह माइक्रो उद्वहन सिंचाई परियोजना के माध्यम से पर्याप्त पानी उपलब्ध होता है तो रबी सहित अन्य फसलों का उत्पादन बढ़ेगा और किसानों की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी। किसानों ने कहा कि पूर्व कृषि मंत्री कमल पटेल द्वारा लगातार उनकी आवाज शासन तक पहुंचाने और अतिरिक्त रकबे को परियोजना में शामिल कराने के लिए किए गए प्रयासों से उन्हें बड़ी उम्मीद जगी है।
प्रधानमंत्री मोदी, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान के प्रति आभार
हरदा जिले के किसान भाइयों-बहनों और आम नागरिकों की ओर से इस महत्वपूर्ण परियोजना को विस्तार देने की दिशा में किए जा रहे प्रयासों के लिए आदरणीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव जी एवं पूर्व मुख्यमंत्री तथा केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान जी के प्रति हार्दिक आभार व्यक्त किया गया है।
किसानों का कहना है कि केंद्र और राज्य सरकार के सहयोग तथा पूर्व कृषि मंत्री श्री कमल पटेल के निरंतर प्रयासों से हरदा में सिंचाई का मजबूत आधार तैयार हो रहा है। शहीद ईलाप सिंह माइक्रो उद्वहन सिंचाई परियोजना का विस्तार केवल आंकड़ों में 13,086 हेक्टेयर की वृद्धि नहीं है, बल्कि यह हजारों किसान परिवारों के खेतों में पानी, फसल में समृद्धि और गांवों में खुशहाली की नई उम्मीद है।
“हर खेत को पानी — हर किसान को समृद्धि”
यही है विकसित हरदा और समृद्ध किसान की दिशा में अगला कदम।