ग्वालियर में दाता बंदी छोड़ द्वार पर अमृतसर से आई ऐतिहासिक पैदल 'शब्द चौकी यात्रा' का हुआ भव्य स्वागत
ग्वालियर अमृतसर साहिब से ग्वालियर तक की पैदल यात्रा पूर्ण कर पहुंची 'शब्द चौकी' का आज प्रातः 5:00 बजे दाता बंदी छोड़ द्वार (ग्वालियर) पर ऐतिहासिक एवं अलौकिक स्वागत किया गया। इस पावन अवसर पर शहर की समूह संगत, सिख फोरम के सभी मेंबरों एवं पदाधिकारियों की गरिमामयी उपस्थिति रही। नगर कीर्तन और गुरुबाणी शब्द कीर्तन का गायन करते हुए पहुंची संगत से संपूर्ण वातावरण भक्तिमय हो उठा।
यात्रा की अगवाई आगे-आगे चल रहे पवित्र निशान साहब कर रहे थे। दाता बंदी छोड़ द्वार पर संगत द्वारा आतिशबाजी और भारी पुष्प वर्षा कर यात्रा का भव्य स्वागत किया गया। इस दौरान शब्द चौकी के मुख्य जत्थेदारों द्वारा सिख फोरम के प्रमुख सदस्यों व पदाधिकारियों को गुरुघर की बख्शिश सिरोपे एवं स्मृति चिह्न भेंट कर सम्मानित किया गया।
इस धार्मिक आयोजन में महिलाओं, युवाओं और बुजुर्गों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। विशेष रूप से आसपास के क्षेत्रों—रायडू, खेरिया और पुरानी छावनी—की संगत का भारी जमावड़ा रहा। श्रद्धालुओं ने पूरी श्रद्धा और निस्वार्थ भाव से सेवा करते हुए लगभग 500 से 600 संगत के सदस्यों को प्रसाद छकाया सिख फोरम द्वारा साप्ताहिक लंगर सेवा निरंतर जारी//
सिख फोरम ग्वालियर द्वारा 4 अक्टूबर से 10 अक्टूबर तक चलाए जा रहे साप्ताहिक लंगर की सेवा निरंतर जारी है। इसी क्रम में आज भी दोपहर 12:00 बजे से 4:00 बजे तक लंगर सेवा चली, जिसमें लगभग 3000 संगत ने प्रसाद ग्रहण किया। यह लंगर सेवा आगामी 10 तारीख तक प्रतिदिन सुबह 11:00 बजे से दोपहर 4:00 बजे तक विधिवत चलती रहेगी। सिख फोरम ग्वालियर सभी सिख संगत एवं शहरवासियों से विनम्र अनुरोध करता है कि वे अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर सेवा में अपना योगदान दें और दाता बंदी छोड़ साहब की अपार खुशियां व आशीर्वाद प्राप्त करें।
दाता बंदी छोड़ द्वार के नामकरण पर मुख्यमंत्री एवं प्रशासन का आभार
दाता बंदी छोड़ द्वार के विधिवत नामकरण के अवसर पर विशेष अरदास की गई। इस पावन अवसर पर अमृतसर से पैदल चल कर आई 'शब्द चौकी' की संगत ने द्वार का नामकरण करने के लिए मध्य प्रदेश के माननीय मुख्यमंत्री श्री मोहन यादव जी एवं स्थानीय सरकार का विशेष रूप से धन्यवाद किया एवं उनके प्रति गहरा आभार व्यक्त किया।