श्रीमद्भागवत कथा के समापन अवसर पर पं.मनीष शर्मा ने कहा
श्रीमद्भागवत कथा का श्रवण करने से मन को शांति और आध्यात्मिक ऊर्जा मिलती है
ग्वालियर । भागवत में भगवान के दिव्य स्वरूप और लीलाओं का वर्णन है। भागवत को समझना साक्षात भगवान को समझने के समान है। जन्म-जन्मांतर के पुण्य उदय होने पर ही मनुष्य को ऐसे धार्मिक अनुष्ठान में शामिल होने का अवसर मिलता है। आज मंगलवार को माधवगंज स्थित मीडिया सेन्टर पर आयोजित श्रीमद भागवत कथा के सातवें दिन समापन अवसर पर पंडित मनीष शर्मा महाराज ने कहा कि पितृ पक्ष में श्रीमद्भागवत कथा का श्रवण करने से मन को शांति और आध्यात्मिक ऊर्जा मिलती है। श्रीमद्भागवत कथा केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि जीवन को संस्कार, सद्भाव और भक्ति की दिशा देने का माध्यम है।का श्रवण करने से मन को शांति और आध्यात्मिक ऊर्जा मिलती है।