हृदय को स्वस्थ रखना केवल बीमारी से बचाव नहीं, बल्कि स्वस्थ जीवनशैली अपनाने की जिम्मेदारी हैः डीन प्रोफेसर डाॅ. मिनी अनिल
- हार्ट हेल्थ एंड इमरजेंसी रिस्पाॅन्स वर्कशाॅप आयोजित
- छात्र-छात्राओं ने हार्ट अटैक के लक्षणों के प्रति किया जागरूक
- हेल्थ चेकअप कैंप में निःशुल्क चिकित्सीय मार्गदर्शन और विभिन्न जांचें की गईं
- ग्राम सिकरौदी में कम्युनिटी हार्ट हेल्थ अवेयरनेस कैंप का किया गया आयोजन
ग्वालियर । आईटीएम यूनिवर्सिटी ग्वालियर के स्कूल आफ नर्सिंग साइंस और एनएसएस यूनिट, यूबीए एवं रेड काॅर्स यूनिट द्वारा संयुक्त रूप से वल्र्ड हार्ट-डे-2026 के उपलक्ष्य में चार दिवसीय ‘हृदय स्वास्थ्य जागरूकता‘ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। अलग-अलग गतिविधियों के दौरान डाॅ. अजय उपाध्याय (पीडियाट्रिक सर्जन एवं बीएलएस काॅर्स काॅर्डिनेटर), डॉ. रोहित प्रताप सिंह तोमर (डायरेक्टर, कलावती क्लीनिक एंड हाॅस्पिटल ग्वालियर), स्कूल आफ नर्सिंग साइंस की डीन प्रोफेसर डाॅ. मिनी अनिल, एसोसिएट प्रोफेसर डाॅ. अंबाली पंचोली, एसोसिएट प्रोफेसर डाॅ. निर्देश सिकरवार, एसओएमपीएस से असिस्टेंट प्रोफेसर डाॅ. दीपिका तिवारी, डाॅ. बृजेश झा, एनएसएस काॅड्रिनेटर आकाश यादव, क्लीनिकल ट्विटर निधि सिंह सहित प्रोफेसर, एसोसिएट प्रोफेसर, असिस्टेंट प्रोफेसर और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं ने हिस्सा लिया।
हृदय को स्वस्थ रखना केवल बीमारी से बचाव नहीं, बल्कि स्वस्थ जीवनशैली अपनाने की जिम्मेदारी हैः डीन प्रोफेसर डाॅ. मिनी अनिल
वर्ड हार्ट-डे के उपलक्ष्य में आयोजित कार्यक्रम की शुरूआत स्कूल आफ नर्सिंग साइंस की डीन प्रोफेसर डाॅ. मिनी अनिल ने अपने प्रेरणादायक संबोधन से की। उन्होंने कहा कि हृदय को स्वस्थ रखना केवल बीमारी से बचाव नहीं, बल्कि स्वस्थ जीवनशैली अपनाने की जिम्मेदारी है। नियमित व्यायाम, संतुलित आहार, समय-समय पर स्वास्थ्य जांच तथा तंबाकू और धूम्रपान से दूरी हृदय को स्वस्थ रखने के महत्वपूर्ण उपाय हैं। नर्सिंग विद्यार्थियों की भूमिका केवल उपचार तक सीमित नहीं है, बल्कि समाज में स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता फैलाना भी उनकी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है।
छात्र-छात्राओं ने हार्ट अटैक के लक्षणों के प्रति किया जागरूक
आईटीएम यूनिवर्सिटी ग्वालियर के स्कूल आफ नर्सिंग साइंस द्वारा प्रथम दिवस जेए ग्रुप आफ हाॅस्पिटल की ओपीडी में बीएससी नर्सिंग के प्रथम वर्ष के छात्र-छात्राओं द्वारा हार्ट हेल्थ अवेयरनेस प्रोग्राम आयोजित किया गया। आमजन एवं उपस्थित स्टाफ को हृदय संबंधी समस्याओं, हृदय को स्वस्थ रखने के उपाय, हार्ट अटैक के लक्षण तथा आपात स्थिति में तत्काल उठाए जाने वाले कदमों की जानकारी दी गई। इस कार्यक्रम का संचालन एनएसएस काॅर्डिनेटर आकाश यादव एवं क्लीनिकल ट्विटर निधि सिंह के मार्गदर्शन में किया गया।
हार्ट हेल्थ एंड इमरजेंसी रिस्पाॅन्स वर्कशाॅप आयोजित
आईटीएम यूनिवर्सिटी ग्वालियर के स्कूल आफ नर्सिंग साइंस द्वारा द्वितीय दिवस हार्ट हेल्थ एंड इमरजेंसी रिस्पाॅन्स वर्कशाॅप का आयोजन किया गया। जहां डॉ. अजय उपाध्याय ने बीएलएस की शॉर्ट ट्रेनिंग प्रदान की गई। डॉ. रोहित प्रताप सिंह तोमर ने कार्डियक अरेस्ट एवं इमरजेंसी रिस्पाॅन्स के बारे में जानकारी दी गई। असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. दीपिका तिवारी ने हृदय स्वास्थ्य के लिए उपयोगी एक्सरसाइज एवं स्वस्थ जीवनशैली के बारे में बताया गया। वहीं डॉ. बृजेश झा ने हृदय को स्वस्थ रखने के लिए उचित डाइट एवं न्यूट्रिशियन की जानकारी प्रदान की।
हेल्थ चेकअप कैंप में निःशुल्क चिकित्सीय मार्गदर्शन और विभिन्न जांचें की गईं
आईटीएम यूनिवर्सिटी ग्वालियर के स्कूल आफ नर्सिंग साइंस द्वारा वल्र्ड हार्ट-डे के उपलक्ष्य में तृतीय दिवस आईटीएम हाॅस्पिटल स्थित ओपीडी में नर्सिंग साइंस, एनएसएस यूनिट, यूबीए एवं रेड काॅर्स यूनिट के संयुक्त तत्वावधान में ‘हेल्थ चेकअप कैंप‘ का आयोजन किया गया। इस कैंप में हाईट एंड वेट, बीएमआई एंड बीएमआर, ब्लड सुगर एवं ब्लड प्रेसर की जांच के साथ हेल्थ एक्सरसाइज, डाइट और आहार संबंधी मार्गदर्शन निःशुल्क प्रदान किया गया। डीन प्रोफेसर डॉ. मिनी अनिल ने कैंप का निरीक्षण किया तथा सभी गतिविधियों एवं व्यवस्थाओं का अवलोकन कर फैकल्टी एवं विद्यार्थियों के प्रयासों की सराहना की।
ग्राम सिकरौदी में कम्युनिटी हार्ट हेल्थ अवेयरनेस कैंप का किया गया आयोजन
आईटीएम यूनिवर्सिटी ग्वालियर के स्कूल आफ नर्सिंग साइंस द्वारा वल्र्ड हार्ट-डे के उपलक्ष्य के चतुर्थ दिवस ग्राम सिकरौदी में कम्युनिटी हार्ट हेल्थ अवेयरनेस कैंप का आयोजन किया गया। जहां बीएससी नर्सिंग प्रथम वर्ष के छात्र-छात्राओं एवं फैकल्टी ने ग्रामीणों को हृदय स्वास्थ्य, स्वस्थ जीवनशैली, संतुलित आहार एवं नियमित व्यायाम के बारे में जागरूक किया। ग्रामीणों को अपनी जीवनशैली में सकारात्मक बदलाव लाने तथा सिगरेट, तंबाकू, गुटखा एवं अन्य नशीले पदार्थों से दूर रहने की सलाह दी गई। साथ ही नियमित स्वास्थ्य जांच एवं स्वस्थ खान-पान के महत्व के बारे में जानकारी प्रदान की गई।