जीवाजी क्लब का फ्री में गार्डन विवाद बढ़ा, श्रीजी इवेंटस वाले बोले काहे का पैसा
ग्वालियर। जीवाजी क्लब में श्रीजी इवेंटस द्वारा आयोजित गरबा महोत्सव विवादों के घेरे में हैं। क्लब के सदस्यों को गरबा महोत्सव के लिये जीवाजी क्लब का डेढ़ लाख रूपये रोज का गार्डन एक माह से अधिक के लिये फ्री में देने पर आपत्ति है। उनका कहना है कि श्रीजी इवेंटस गरबा प्रशिक्षण व अन्य सुविधाओं के नाम पर पैसा उगाह रहा है और अध्यक्ष राजेन्द्र सेठ व सचिव संजय वर्मा श्रीजी इवेंटस के संचालक व जीवाजी क्लब के सहसचिव केतन करण अग्रवाल व नितिन अग्रवाल के हाथों की कठपुतली बन गये है। यदि सामाजिक सोशल इवेंटस के नाम पर जीवाजी क्लब का गार्डन ऐसे ही फ्री दिया गया है, तो अन्य सामाजिक आयोजनों के लिये भी गार्डन फ्री दिया जाना चाहिये। इस संदर्भ में गरबा प्रशिक्षण व गरबा आयोजन के सूत्रधार श्रीजी इवेंटस के केतन करण अग्रवाल ने इस संवाददाता से चर्चा में कहा कि काहे का चार्ज। हम पदाधिकारी हैं, हम तो 15 वर्ष से यह आयोजन कर रहे हैं।
अब जीवाजी क्लब के पदाधिकारियों का जबाब पढ़िये
केतन करण अग्रवाल बोले काहे की परमीशन और काहे का चार्ज
श्रीजी इवेंटस के गरबा सूत्रधार व जीवाजी क्लब के सहसचिव केतन करण अग्रवाल ने चर्चा में कहा कि काहे का चार्ज और काहे की परमीशन। हम जीवाजी क्लब के साथ ज्वाइंट वेंचर में कर रहे हैं यह आयोजन इसलिये गार्डन का शुल्क क्यों दें। यह हम 15 वर्षों से कर रहे हैं और कभी एक रूपया नहीं दिया। लेकिन आप तो प्रतिभागियों से 2500 से 3 हजार रूपये ले रहे हो, तो के जबाब में केतन अग्रवाल पहले से बोले हम कोई पैसे नहीं ले रहे, फिर बाद में बोले हां 800 रूपये ले रहे है, रोज प्रेक्टिस कराने के। पानी बिजली की सुविधाओं पर भी वह बोले किस बात का पानी बिजली का चार्ज। जब इस पत्रकार ने कहा कि आपके आयोजन पर बसंत शर्मा भूरा पंडित ने सवाल खड़े किये है तो केतन अग्रवाल का कहना था कि वह कौन होते हैं मैं सहसचिव हूं और अध्यक्ष राजेन्द्र सेठ व सचिव संजय वर्मा की मुझे परमीशन है। बसंत शर्मा पर भी कई आरोप है, अब सच तो कोई नहीं जानता। केतन अग्रवाल ने यह भी कहा कि हम तो यह आयोजन स्पानरशिप में कर रहे हैं। जीवाजी क्लब इसमे जगह देने वाला पार्टनर हैं।
आपत्ति वालों का क्या, कुछ भी कर दें आपत्तिः संजय वर्मा
जीवाजी क्लब के सचिव संजय वर्मा का भी इस मामले में जबाब गैर जिम्मेदाराना था। गार्डन फ्री दिये जाने पर जीवाजी क्लब सदस्य की आपत्ति पर वह बोले उनकी आपत्ति का क्या, उनका कुछ नहीं हैं, हमने गार्डन दिया है, वह श्रीजी इवेंटस गार्डन के बदले हमको वैन्यू पार्टनर बनाये है। जहां तक जानकारी है श्रीजी इवेंट पैसे नहीं ले रहा है। पैसे लिये है तो लोग शिकायत करें। यह सोशल एक्टिविटी है। जीवाजी क्लब के बिजली पानी उपयोग पर उनका कहना था कि वह लाइट जनरेटर से चला रहे हैं। पानी व अन्य सुविधायें भी हम उन्हें नहीं दे रहे हैं।
आपत्ति करना सभी का अधिकारः राजेन्द्र सेठ
जीवाजी क्लब के अध्यक्ष राजेन्द्र सेठ का इस संदर्भ में कहना था कि श्रीजी इवेंटस पिछले 15 वर्षों से क्लब के वेन्यू पार्टनर के रूप में आयोजन सोशल एक्टिविटी के तहत कर रहे हैं। वह सांस्कृतिक धार्मिक आयोजन कर रहे है, अगर कोई और भी करेगा तो हम निशुल्क जगह देंगे। यदि किसी सदस्य ने कोई आपत्ति करी है तो उनका अधिकार है। हम आपत्ति पर विचार करेंगे। हम तो खेलों के लिये भी सहयोग देते हैं। लेकिन गरबा के नाम पर कोई पैसे ले रहा है तो यह गंभीर बात हैं। इसको हम देखेंगे।
जीवाजी क्लब में विरोध पर नोटिस भी दिया
जीवाजी क्लब में वैसे समस्यायें व मुददे उठाना अपराध की श्रेणी में है। एक सदस्य दीपक गोयल ने पूर्व में टायलेट गंदगी व उसमे नलों के सेंसर बंद रहने की शिकायत की थी, तो उसको जीवाजी क्लब पदाधिकारियों ने नोटिस ही दे दिया। जिस पर काफी हो हल्ला भी मचा था।