यह चुनाव चार छह परिवारों की कृपा के मिथक को तोड़ेगाः प्रवीण
- हर व्यापारी बोला मैं हूं प्रवीण, नामांकन जमा किया प्रवीण ने
ग्वालियर। मध्यप्रदेश चेंबर आफ कामर्स के चुनावों के लिये चेंबर अध्यक्ष और अध्यक्ष स्वतंत्र उम्मीदवार डा. प्रवीण अग्रवाल ने शनिवार को अपना नामांकन परचा समर्थकों की भारी भीड़ के साथ भरा। उन्होंने इस मौके पर कहा कि वह आम व्यापारी के हित की लड़ाई लड़ने और उसे मुकाम तक पहुंचाने के लिये चुनाव लड़ रहे हैं, ताकि आम काबिल व्यापारी प्रतिनिधि भी चेंबर में पदाधिकारी बन सकें।
डा. प्रवीण अग्रवाल ने कहा कि यह चुनाव उस मिथक को तोड़ेगा की चार छह व्यक्तियों की कृपा पर चेंबर का पदाधिकारी बना जा सकता है। अब यदि किसी व्यापारी या उद्योगपति में हुनर है तो वह किसी भी पद पर चुनाव लड़ सकता है। उसके लिये वर्षों से जमे चार छह परिवारों की कृपा की आवश्यकता नहीं है।
परचा भरने के उपरांत संवाददाताओं से चर्चा में डा. प्रवीण अग्रवाल ने कहा कि अब चेंबर चार पीढ़ी से जमे चार परिवारों का नहीं आम व्यापारी है। आम व्यापारी का चेंबर बनाने के लिये उन्होंने यह लड़ाई लड़ी है, इसीलिये उनके साथ विश्वासघात किया गया है। लेकिन वह इसे सेवा का मौका मानते है कि आम व्यापारी ने उन्हें यह कहकर खड़ा किया है कि मैं प्रवीण हूं, आज चेंबर का हर व्यापारी हर सदस्य प्रवीण बन गया है और व्यापारी के हक की लड़ाई लड़ रहा है।
डा. प्रवीण अग्रवाल ने कहा कि वह सेवादार है, मैंने सेवा की है, रात रात भर जाकर व्यापारी और उद्योगपतियों की समस्यायें दूर की हैं। शासन से भी लड़े है इसका मुझे नुकसान भी उठाना पड़ा, लेकिन मैंने उफ्फ नहीं की। क्योंकि वह व्यापार व उद्योग जगत की सेवा को परमधर्म मानते हैं।
झूठ बोल रहे व्हाईट हाउस वाले
चेंबर अध्यक्ष पद के स्वतंत्र उम्मीदवार डा. प्रवीण अग्रवाल ने कहा कि व्हाईट हाउस के लोग झूठ बोलने की कला में माहिर है। मेरे कार्यकाल को 23 साल का बताते हैं, मेरा कार्यकाल केवल 15 साल का है। मैं दावे से कहता हूं कि मैं कुर्सी की लड़ाई नहीं लड़ रहा, मैं तो सेवा की लड़ाई लड़ रहा हूं और सेवा के लिये आधी रात को भी तैयार है। डा. अग्रवाल ने कहा कि कुर्सी उनके लिये है इसीलिये वह उतावले है मेरे लिये तो यह सेवा धर्म है।
अचलेश्वर पर पूजा की
चेंबर अध्यक्ष के स्वतंत्र उम्मीदवार डा. प्रवीण अग्रवाल ने अपने समर्थकों के साथ पहले अचलेश्वर महादेव मंदिर में पूजा की और फिर परचा भरने चेंबर भवन पहुंचे, जहां उन्होंने निर्वाचन अधिकारी अशोक विजयवर्गीय को नामांकन के दो सेट प्रस्तुत किये।