चली भोला की वरतिया हिमाचल नगरी भजन पर भाव विभोर हुए श्रोता
ग्वालियर | श्री हनुमंत मण्डल सेवा समिति ग्वालियर द्वारा आयोजित शिवमहापुराण कथा श्रीरामजानकी संकटमोचन हनुमान मंदिर गेंद घर फूलबाग में कथा के पंचम दिवस अविरल कृष्ण महाराज ने शिव विवाह का प्रसंग सूनाते हुए कहा शिव जी का विवाह मां पार्वती से तय होने पर सभी देवी-देवता सुन्दर विमानों पर सवार होकर पहुंचे वहीं भगवान शिव शरीर पर भस्म लगाकर मुण्डों की माला धारण कर बाजुओं एवं गले में नागौ को धारण सिर पर गंगा जी के साथ चन्द्रमा शोभायमान हो रहा था हाथ मैं ञिशूल धारण कर शिव गण भी साथ चले। शिव गणो की छवि का वर्णन करते हुए वताया कि कुछ मुखहीन, किसी किसी को विपूल मुख,किसी किसी के साथ पेर भी नहीं थे। सभी अशुभ ग्रह डाकनी,पिसाषाचनी,भूत,प्रेत,भी बराति बनकर नाचते गाते चलें इन्हें देखकर सभी देवी-देवता विमानों से हिमाचल के यहां पहुंचने लगे हिमाचल वासी जिस देवता को देखते उसे ही शिव होने का भ्रम हो जाता दुल्हा बनकर शंकर चले जिस घड़ी घर हिमाचल के आना गज़ब हो गया। बारात हिमाचल महाराज के महल में पहुंची है बस चली भोला की वरतिया हिमाचल नगरी भजन पर सभी भक्त भाव विभोर होकर नाचते हैं। बारात का स्वागत समिति के गोकुल बंसल श्याम बंसल यजमान, वीरेंद्र गुप्ता, मनीष गोयल छोटे, संतोष अग्रवाल, संजय संदीप अग्रवाल प्रदीप मितल प्रमोद गर्ग राम बाबू अग्रवाल आदि ने किया|