भक्तों के साथ लीला करने, एवं उनका उद्धार करने के लिए होता है भगवान का अवतार-- पंडित मनीष शास्त्री

*मंशापूर्ण माता मंदिर पर हो रही भागवत में जन्मे कृष्ण*
*श्रीमद् भागवत कथा के परीक्षित मंशापूर्ण माता मंदिर के हनुमान जी है*
ग्वालियर अधिक मास के पवित्र माह पर मंशापूर्ण माता मंदिर कैलाश नगर सिटी सेंटर पर चल रही श्रीमद् भागवत कथा के पंचम दिवस की कथा में श्रीमद् भागवत भूषण पंडित मनीष शास्त्री ने कथा में भगवान के अवतार की कथा सुनाते हुए बताया भगवान का अवतार धर्म की स्थापना के लिए तो होता ही है पर साथ-साथ भगवान भी भक्तों के साथ लीला करने के लिए इस धारा धाम पर अवतार लेते हैं जब देवकी और वासुदेव जैसे भक्तों के मन में भगवान को अपने पुत्र के रूप में देखने की इच्छा होती है तो भगवान भी भक्तों का मान रखने के लिए पुत्र रूप में अवतार ले लेते हैं जिस पार ब्रह्म को बड़े-बड़े ऋषि मुनि शेष महेश गणेश नहीं समझ सकते जो निराकार स्वरूप है वही ब्रह्म भक्तों के प्रेम के वसीभूत हो कर भक्तों के साथ लीला करते हैं ग्वाल वालों के साथ खेलते हैं गायों को चराते हैं मैया की गोद में बैठकर माखन खाते हैं सखियों के साथ रास रचाते हैं और अर्जुन को गीता का उपदेश भी देते हैं और कंश जेसे दुष्टों का संहार कर कई प्रकार की लीलाएं करते हैं भगवान की लीला ,भगवान का धाम ,और भगवान की कथा का आश्रय लेने वाले भक्त पर भगवान की कृपा अवश्य होती है कैलाश नगर के क्षेत्रीय निवासियों ने इस भागवत कथा में परीक्षित हनुमान जी को बनाया है तो वह स्वयं सब भक्तों पर कृपा बरसाएंगे तत्पश्चात भगवान के जन्म उत्सव पर पंडित मनीष शास्त्री द्वारा वेद मंत्रों का उच्चारण किया गया बधाइयां लुटाई गई माखन मिश्री का भोग लगाया कल भगवान की बाल लीला, माखन चोरी की लीला, एवं गोवर्धन लीला का वर्णन होगा, तत्पश्चा टी समस्त कैलाश नगर के क्षेत्रीय वासियों ने श्रीमद् भागवत पुराण एवं कृष्ण भगवान की आरती उतारी मीडिया प्रभारी राजू पंडित

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