विश्व पर्यावरण दिवस पर DJJS संरक्षण ने ग्वालियर में चलाया जन-जागरण अभियान, पर्यावरण अनुकूल जीवनशैली अपनाने का दिया संदेश
ग्वालियर, विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर दिव्य ज्योति जाग्रति संस्थान (DJJS) के प्रकृति संरक्षण कार्यक्रम ‘संरक्षण’ ने नगर निगम ग्वालियर द्वारा आयोजित पर्यावरण जागरूकता अभियान में सक्रिय सहभागिता करते हुए नागरिकों को प्रकृति संरक्षण एवं पर्यावरण अनुकूल जीवनशैली अपनाने का संदेश दिया। बढ़ते प्रदूषण, जल संकट, प्राकृतिक संसाधनों के क्षरण तथा जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों के प्रति जनमानस को जागरूक करने हेतु DJJS के स्वयंसेवकों, युवाओं, बहनों एवं बाल स्वयंसेवकों ने विभिन्न गतिविधियों के माध्यम से सार्थक योगदान दिया।
कार्यक्रम के अंतर्गत रामौआ डैम पर आयोजित श्रमदान अभियान में DJJS संरक्षण के स्वयंसेवकों ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए स्वच्छता का संदेश दिया। इस अवसर पर जल स्रोतों की स्वच्छता एवं संरक्षण के महत्व को रेखांकित करते हुए नागरिकों से पर्यावरणीय जिम्मेदारियों के निर्वहन का आह्वान किया गया।
इसके उपरांत कैप्टन हिल्स से प्रारंभ हुई पर्यावरण रैली में DJJS संरक्षण की सहभागिता विशेष आकर्षण का केंद्र रही। संस्थान द्वारा 10 ई-रिक्शाओं के माध्यम से स्वच्छ एवं पर्यावरण-अनुकूल परिवहन को बढ़ावा देने का संदेश दिया गया। साथ ही संस्थान की बहनों, युवाओं एवं बच्चों ने पर्यावरण संरक्षण संबंधी संदेशों से युक्त तख्तियां हाथों में लेकर रैली में भाग लिया। रैली के दौरान जल संरक्षण, ऊर्जा बचत, प्लास्टिक-मुक्त जीवनशैली तथा प्रकृति के प्रति संवेदनशील व्यवहार का संदेश जनसामान्य तक पहुँचाया गया।
रैली ने कैप्टन हिल्स से प्रारंभ होकर शहर के विभिन्न प्रमुख मार्गों से गुजरते हुए बाल भवन तक का सफर तय किया। मार्ग में नागरिकों ने उत्साहपूर्वक पर्यावरण संरक्षण संबंधी संदेशों का स्वागत किया तथा अभियान के प्रति सकारात्मक प्रतिक्रिया व्यक्त की।
बाल भवन में आयोजित जन-जागरूकता कार्यक्रम के दौरान DJJS संरक्षण के बाल स्वयंसेवकों द्वारा प्रस्तुत ‘जल संरक्षण’ विषयक आकर्षक कोरियोग्राफी ने उपस्थित जनसमूह को भावविभोर कर दिया। प्रस्तुति के माध्यम से जल संकट की गंभीरता तथा प्रत्येक नागरिक की भूमिका को प्रभावशाली ढंग से दर्शाया गया। कार्यक्रम ने यह संदेश दिया कि जल संरक्षण केवल आवश्यकता नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के प्रति हमारी जिम्मेदारी भी है।
इस अवसर पर DJJS की प्रतिनिधि साध्वी मदालसा भारती और साध्वी आकांक्षा भारती जी ने उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए कहा कि पर्यावरणीय संकट का समाधान केवल तकनीकी उपायों से संभव नहीं है। इसके लिए मनुष्य के दृष्टिकोण एवं जीवनशैली में परिवर्तन आवश्यक है। उन्होंने नागरिकों से अनावश्यक ऊर्जा खपत कम करने, जल का विवेकपूर्ण उपयोग करने, एकल-उपयोग प्लास्टिक का त्याग करने तथा दैनिक जीवन में पर्यावरण-अनुकूल आदतों को अपनाने का आह्वान किया।
अपने संबोधन में उन्होंने दिव्य गुरु श्री आशुतोष महाराज जी के प्रेरणादायी विचार साझा करते हुए कहा—
“इस सृष्टि में मनुष्य ईश्वर की एक ऐसी अद्वितीय कृति है, जो अपने कर्मों द्वारा ब्रह्मांडीय संतुलन को बिगाड़ भी सकता है और उसे पुनः संतुलित भी कर सकता है। अतीत में मानव के कर्मों ने पर्यावरणीय संकट की नींव रखी है, और अब समय आ गया है कि वही मानव इस संतुलन को पुनः स्थापित करने का दायित्व उठाए।”
उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण की वास्तविक शुरुआत बाहरी परिवर्तन से नहीं, ब