ग्वालियर। आयुक्त नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग संकेत भोंडवे ने सोमवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से नगर निगम ग्वालियर के विभिन्न विकास कार्यों की समीक्षा की और संबंधित अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए। बैठक में अमृत योजना 2.0, सड़क संधारण, मुख्यमंत्री अधोसंरचना, स्वच्छ भारत मिशन (स्वच्छ सर्वेक्षण 2025-26) एवं नमामि गंगे परियोजना की प्रगति पर विस्तार से चर्चा हुई। समीक्षा बैठक के दौरान निगम आयुक्त संघ प्रिय, अपर आयुक्त टी प्रतीक राव, प्रदीप तोमर सहित जनकार्य, पीएचई सहित अन्य विभागों के संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
समीक्षा बैठक के दौरान सड़क संधारण कार्यों की समीक्षा के दौरान बताया गया कि बारिश के बाद 77 सड़कों के सुधार का लक्ष्य था, जिनमें से 35 पूर्ण हो चुकी हैं और शेष पर कार्य जारी है। इस पर आयुक्त ने सभी कार्य बारिश से पहले पूर्ण करने के निर्देश दिए। आयुक्त नगरीय प्रशासन द्वारा निर्देश दिए गए के समस्त मुख्य मार्ग की गतिशील एवं कार्यदेश जारी सके 30 अप्रैल तक पूर्ण करें। उन्होंने स्पष्ट कहा कि निर्माण कार्य गुणवत्ता पूर्ण हो और इसके लिए दो स्तर पर लैब टेस्टिंग—स्मार्ट सिटी की मोबाइल लैब एवं एनएबीएल लैब से अनिवार्य रूप से कराई जाए। सड़क निर्माण में देरी पर कार्यपालन यंत्री सुरेश अहिरवार का एक इंक्रीमेंट रोकने हेतु नोटिस जारी करने के निर्देश दिए गए। आयुक्त नगरीय प्रशासन एवं विकास ने निर्देश दिए कि कार्य आदेश मिलने के बाद काम शुरू न करने वाले ठेकेदारों को ब्लैकलिस्ट किया जाए, जबकि अच्छा कार्य करने वालों को समय पर भुगतान सुनिश्चित किया जाए। साथ ही सड़क निर्माण में एडवांस मशीनों के उपयोग को अनिवार्य करने के निर्देश दिए गए।
इसके साथ ही अमृत योजना 2.0 के तहत डीपीआर स्वीकृत होने के बावजूद टेंडर दस्तावेज तैयार न होने पर नाराजगी जताई गई। संबंधित एजेंसी आरईपीएल को टर्मिनेट करने की कार्रवाई के निर्देश दिए गए। वहीं सीवेज प्रोजेक्ट में देरी पर कार्यपालन यंत्री संजीव गुप्ता का 15 दिन का वेतन रोकने के निर्देश भी दिए गए। नमामि गंगे परियोजना की समीक्षा के दौरान संबंधित एजेंसी के साथ बैठक कर शीघ्र कार्य पूर्ण कराने एवं देरी करने वालों पर कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए। बैठक में अर्बन चैलेंज फंड से संबंधित जानकारी तैयार करने के निर्देश भी दिए गए। आयुक्त ने स्पष्ट किया कि सभी कार्य समयसीमा में पूर्ण हों और गुणवत्ता से कोई समझौता न किया जाए।