अग्रसेन भवन ट्रस्ट की तदर्थ समिति रविवार को बैठेगी, पुरासानी की जमीन बेहतर
(विनय अग्रवाल)
ग्वालियर। श्री अग्रवाल महासभा ट्रस्ट अभी तक श्री महाराजा अग्रसेन अग्रवाल सेवा न्यास के बैनर तले महाराजा अग्रसेन भवन न बनने पर सेवा न्यास की रविवार 10 मई को तदर्थ समिति की बैठक होगी। बैठक में तदर्थ समिति के रवि गुप्ता, मुकेश अग्रवाल, अजय बंसल, मोहन गर्ग, विष्णु जैन, सुरेश बंसल व अरविंद दूदावत शामिल होंगे। इधर आज इस संवाददाता ने श्री अग्रवाल महासभा के पूर्व अध्यक्ष अशोक गोयल द्वारा अग्रसेन भवन के लिये गई पुरासानी की 5 बीघा जमीन का अवलोकन किया। यह जमीन झांसी रोड व शिवपुरी लिंक हाइवे के बेहद नजदीक है और यहां विकास की बेहतर संभावना भी हैं। श्री अग्रवाल महासभा अग्रसेन सेवा भवन का निर्माण कराती है तो यहां निश्चित तौर पर समाज के बड़े भव्य आयोजन व मांगलिक कार्यक्रम भी हो सकेंगे।
ज्ञांतव्य है कि श्री अग्रवाल महासभा के अध्यक्ष रहते अशोक गोयल ने अपने वायदे अनुसार अग्रसेन भवन के लिये पांच बीघा जमीन निशुल्क उपलब्ध कराई है और अब इस पर अग्रसेन भवन का निर्माण श्री अग्रवाल महासभा को करना है। हालांकि अग्रसेन भवन के निर्माण के लिये जमीन देने वाले अशोक गोयल ने श्री महाराजा अग्रसेन अग्रवाल सेवा न्यास ट्रस्ट बना दिया है और ट्रस्ट में 21 सदस्य भी शामिल कर दिये हैं, ताकि अग्रसेन भवन का संचालन विधिवत होता रहे। अग्रसेन भवन के लिये बनाये गये ट्रस्टियों को 2.50 लाख रूपये भी ट्रस्ट में देने है, जो अभी तक किसी ने दिये नहीं हैं। ट्रस्ट को मप्र सोसायटी रजिस्ट्रीकरण अधिनियम के तहत पंजीकृत भी कराया गया है। ट्रस्ट के विलेख पत्र में स्पष्ट दर्शाया गया है कि श्री अग्रवाल महासभा रजि. से श्री महाराजा अग्रवाल अग्रसेन सेवा न्यास रजि. का सीधा संबंध होगा और इसके पदेन न्यासी श्री अग्रवाल महासभा रजि. के निर्वाचित अध्यक्ष, सचिव व कोषाध्यक्ष होंगे।
पुरासानी की जमीन बेहतर
शनिवार को इस संवाददाता ने पुरासानी की अग्रसेन भवन की प्रस्तावित 5 बीघा जमीन का मुआयना किया। जमीन मौके की है और समाज के लिये निश्चित तौर पर अग्रसेन भवन एक बड़ी उपलब्धि होगी। यह जमीन शिवपुरी लिंक रोड व झांसी रोड व शिवपुरी लिंक हाईवे से दोनों से कनेक्ट है। विशेष बात यह है कि यहां पानी का बेहतर स्रोत है और जल संरचना के लिये एक छोटा स्थान भी है। यहां जमीन देने वाले अशोक गोयल ने निजी खर्चें पर जमीन की बाउंड्रीवाल व बोरिंग भी करा दी हैं। बस अब निर्माण शुरू करने की देर है।