बीएसएनएल की नई संचार क्रांति, स्वदेशी नेटवर्क से 4जी 5जी मेंः राजेश कुमार
- उपभोक्ता फिर बीएसएनएल से जुड़ रहे
ग्वालियर । बीएसएनएल ने अब फिर से देश में एक नई संचार क्रांति ला दी हैं। भारत संचार निगम लिमिटेड ने आत्मनिर्भर अभियान के तहत अपनी स्वदेशी तकनीक से 4जी टेलीकाम स्टैक सफलतापूर्वक तैयार कर लिया है, जो 100 प्रतिशत स्वदेशी है। इसके साथ ही बीएसएनएल की बदौलत भारत दुनिया के उन चुनिंदा 5 देशों में शामिल हो गया है जिनके पास खुद की 4जी, 5जी टेलीकाम तकनीक भी हैं। यह जानकारी गुरूवार को बीएसएनएल के प्रधान महाप्रबंधक राजेश कुमार ने ग्वालियर में पत्रकारों से चर्चा के दौरान दी है।
श्री कुमार ने पत्रकारों को बताया कि बीएसएनएल ने अपनी स्वदेशी तकनीक को दुनिया के श्रेष्ठतम तकनीक में बदला है। इसी कारण अब बीएसएनएल के प्रति उपभोक्ताओं का रूझान फिर बढ़ा है। ग्वालियर दूरसंचार जिले में ही हमारे 60 हजार नये उपभोक्ता मोबाइल नेटवर्क में जुड़े है और 3 हजार नये उपभोक्ता भारत फाइबर एफटीटीएच जुड़े हैं और यह वृद्धि लगातार जारी है। बेहतर सेवा, बेहतर नेटवर्क और किफायती दरों से हम उपभोक्ता का विश्वसनीय ब्राण्ड है। आज अंचल के हर ग्राम पंचायत को हमने संचार क्रांति से जोड़ दिया है। अब हम हर ग्राम पंचायत के साथ प्रायमरी हेल्थ सेंटर, स्कूल आदि को भी निशुल्क दूरसंचार सेवा से जोड़ रहे हैं। शीघ्र इन सभी को हाईस्पीड नेटवर्क से जोड़ दिया जायेगा।
राजेश कुमार ने बताया कि ग्वालियर बीए में बीएसएनएल द्वारा लगभग 865 स्वदेशी 4जी टावर लगाये गये हैं। 365 नये टावर लगाने पर कार्यवाही चल रही है। यह सभी टावर साफ्टवेयर अपग्रेडेशन 5जी रेडी है। जिससे 4जी के बाद 5जी में बदलाव बिना किसी मुख्य हार्डवेयर के बदले आसान और तेज होगा। सैटेलाइट मीडिया द्वारा बीएसएनएल ने उन दुर्गम स्थानों पर भी सैटेलाइट टावर लगाये गये है, जहां मोबाइल नेटवर्क पहुंचा नहीं है। जैसे बजाना, जडेरू, केनुआ, डांगीपुरा। नवलपुरा में सैटेलाइट बीटीएस लगाने का कार्य चल रहा है। शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में 4जी का विस्तार किया गया है। ग्वालियर, मुरैना, गुना और शिवपुरी एवं उनके आसपास तहसील एवं ब्लाकों में बीएसएनएल के पुराने टावरों को स्वदेशी 4 जी नेटवर्क में अपग्रेड किया गया है, जिससे नेटवर्क सुदृढ़ हआ है। वहीं केन्द्र सरकार की 4जी सेचुरेशन योजना के अंतर्गत ग्वालियर अंचल के उन दूरस्थ गांवों तक भी हाईस्पीड मोबाइल कनेक्टिविटी पहुंचाई जा रही है, जो अब तक नेटवर्क से वंचित थे। इस योजना के तहत 148 टावर लगे है तथा 20 प्रस्तावित है।
राजेश कुमार ने बताया कि ग्राहकों को निर्वाध कनेक्टिविटी प्रदान करने के लिये नेटवर्क अपटाइम 98-99 प्रतिशत बनाये रखने का कड़ा मानक तय किया गया है। आप्टीकल फाइवर के रखरखाव और कटने की समस्या से निपटने के लिये आवश्यक टीमों का गठन किया गया है। बीएसएनएल ग्वालियर बीए में किफायती दरों पर हाईस्पीड ब्राडबैण्ड एफटीटीएच एवं इन्टरप्राइज सेवायें प्रदान कर रहा है। इस योजना के तहत अभी तक ग्वालियर बीए ने 12397 एफटीटीएच कनेक्शन प्रदान किये है। वित्तीय वर्ष 2025-26 में 3000 नये एफटीटीएच कनेक्शन प्रदान किये है। इंटरप्राइज सेवाओं के तहत 1580 कनेक्शन कार्यरत है। श्री कुमार ने बताया कि बीएसएनएल ग्वालियर प्रबंधन ने अंचल के समस्त उपभोक्ताओं से अपील की है कि वे अपने नजदीकी बीएसएनएल ग्राहक सेवा केन्द्र या अधिकृत रिटेलर से संपर्क कर अपने पुराने 2जी 3जी सिम को निशुल्क स्वदेशी बीएसएनएल 4जी सिम में तुरंत अपग्रेड करायें और देश की इस स्वदेशी डिजिटल क्रांति का हिस्सा बनें।
इस मौके पर डीजीएम एसके ऋषिश्वर, डीजीएम नेटवर्क महेन्द्र कुमार श्रीवास्तव, वित सलाहकार आरकेएल रायकवार, एजीएम मुकेश शाक्य, एजीएम मोबाइल एके बादल, एसडीओ मोहनीश सक्सैना, आरएस दिनकर, विशाल यादव आदि भी उपस्थित थे।
जहां नेटवर्क नहीं वहां भी काम करेगा सैटेलाइट फोन
भारत संचार निगम लिमिटेड के प्रधान महाप्रबंधक ने बताया कि बीएसएनएल ने एक सैटेलाइट फोन लांच किया है। यह फोन वहां भी काम करेगा जहां नेटवर्क एक बार भी नहीं आते। यह सैटेलाइट फोन नार्मल टावर पर नहीं चलकर बल्कि सीधे सैटेलाइट से कनेक्ट होता है इसीलिये पहाड़, जंगल, समन्दर, बोर्डर सभी जगह काल लगेगा। साथ ही एसएमएस भी हो सकेगा। इसमे टावर की जरूरत नहीं रहती है। हालांकि खरीदने के लिये डीओटी से अनुमति लेनी पड़ेगी। इस मोबाइल फोन की कीमत एक लाख 20 हजार है। लेकिन सभी टावर सहित सैटेलाइट फोन की कीमत एक लाख 34 हजार है।