चेंबर का चुनावी बिगुल बजने को, व्हाईट-क्रियेटिव के अलावा अन्य प्रत्याशी भी कूदेंगे मैदान में
(विनय अग्रवाल)
ग्वालियर। मध्यप्रदेश चेंबर आफ कामर्स एंड इण्डस्ट्रीज का चुनावी बिगुल बजने को है और 15 जून की चेंबर कार्यकारिणी बैठक में चुनाव अधिकारी की नियुक्ति के साथ ही चेंबर के दोनों हाउस व्हाईट और क्रियेटिव आमने सामने आ जायेंगे। हालांकि अभी क्रियेटिव ने अपने प्रत्याशी मैदान में उतारे नहीं है, लेकिन व्हाईट हाउस के रणनीतिकार अरविंद अग्रवाल ने तीन पदों पर अपने प्रत्याशी उतारकर प्रचार अभियान तेज कर दिया है। इसी बीच खबर यह है कि व्हाईट और क्रियेटिव में आपसी उठापटक के चलते कई व्यापारी नेता नाराज है और एक नये ग्रुप या निर्दलीय तौर पर प्रत्याशियों की एन्ट्री करा सकते है, जिसमे सबसे रोचक मुकाबला अध्यक्ष पद पर होगा।
अब चेंबर की राजनीति इस तरह समझे कि चेंबर के वर्तमान अध्यक्ष डा. प्रवीण अग्रवाल का टिकट व्हाईट हाउस द्वारा काटे जाने से व्हाईट हाउस ने चेंबर का एक बड़ा व्यापारी वर्ग फिलहाल नाराज कर लिया है। डा. प्रवीण अग्रवाल ने इस बारे में अभी तक कोई सार्वजनिक टिप्पणी व मीडिया ब्रीफ भी नहीं किया है। लेकिन उनकी चुप्पी रहस्यमयी व आक्रोशकारी है। वह स्वयं एंग्री यंगमैन की भूमिका में आ सकते है और यह तय भी है कि वह अध्यक्ष पद का चुनाव 100 प्रतिशत लड़ेंगे। वहीं चेंबर के व्हाईट हाउस अध्यक्ष प्रत्याशी पारस जैन एक बयान को लेकर घिर रहे है और उनकी रेटिंग पर फर्क आया है। वहीं क्रियेटिव हाउस अध्यक्ष पद की लड़ाई को आमने सामने की बना सकता हैं। जिसमें वर्तमान अध्यक्ष डा. प्रवीण अग्रवाल व व्हाईट हाउस प्रत्याशी पारस जैन सर्राफ हो सकते है। रणनीति व्हाईट या क्रियेटिव की कुछ भी हो, लेकिन इतना यह भी तय है कि व्हाईट और क्रियेटिव दोनों हाउसों के समर्थकों से डा. प्रवीण अग्रवाल को मौन समर्थन मिलेगा।
व्हाईट हाउस के तीन प्रत्याशी शीघ्रः अरविंद अग्रवाल
व्हाईट हाउस के कुशल रणनीतिकार या चेंबर की राजनीति के चाणक्य अरविंद अग्रवाल वर्तमान हालातों के चलते बहुत सम्हल कर अपने पासे चल रहे हैं। पहले अध्यक्ष पद पर पारस जैन, सचिव पद पर दीपक अग्रवाल व कोषाध्यक्ष पद पर मनोज अग्रवाल का नाम घोषित करने वाले अरविंद अग्रवाल अब अपने रणनीतिकारों के साथ 17 जून को प्रत्याशी घोषित करेंगे। अरविंद अग्रवाल ने बातचीत में स्वीकार किया कि हमारे पैनल तैयार है, अब आपस में चर्चा कर योग्य व जीतने वाले उम्मीदवारों पर ही हम दांव खेलेंगे। उन्होंने कहा कि चेंबर में हमारा पूरा कोर ग्रुप है, जो 120 सदस्यों का है और हर बैठक में हम 15-20 नये सदस्य जोड़ते है, ताकि सभी की सामूहिक राय पर फैसला लें। इधर व्हाईट हाउस के संभावित पैनल के नाम इस प्रकार है जैसे ज्वाईंट प्रेसीडेंट पर किसी अग्रवाल का कोई नया नाम दिया जा सकता है। वहीं उपाध्यक्ष पद पर सुनील अग्रवाल सनी, रामकुमार गोयल व रवि गर्ग में से एक नाम तय होगा। इसी प्रकार सहसचिव पद पर विपुल गुप्ता, बसंत अग्रवाल, दीपक पमनानी और रामकुमार गोयल के नाम हैं, लेकिन बसंत अग्रवाल पर व्हाईट हाउस ज्यादा भरोसा कर रहा है।
क्रियेटिव का ऐलान 14 या 15 कोः विजय गोयल
चेंबर में दमदारी से मजबूत हुआ क्रियेटिव हाउस 14 या 15 जून को पांच पदों पर प्रत्याशी उतारेगा। इसके लिये क्रियेटिव की संचालन समिति भी बनी हुई है। क्रियेटिव हाउस के प्रमुख विजय गोयल का दावा है कि इस बार क्रियेटिव पांच पदों पर विजय हासिल करेगा। यह पद है संयुक्त अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, मानसेवी सचिव, सहसचिव व कोषाध्यक्ष। गोयल ने कहा कि अध्यक्ष पद पर वह वेट एंड वाच की स्थिति में है। पांच प्रत्याशी तो हमारे तय है। गोयल ने बताया क्रियेटिव हाउस जीतने के लिये लड़ेगा। संचालन समिति में हमने राधेश्याम भाकर, महेश मुदगल, मैं स्वयं (विजय गोयल), हेमंत गुप्ता, जगदीश मित्तल, ओमप्रकाश अग्रवाल, मुकेश अग्रवाल, मयंक गर्ग, बृजेश गोयल को शामिल किया हैं। इधर सूत्रों के मुताबिक अब क्रियेटिव हाउस में सहसचिव पद पर सौरभ गुप्ता पुत्र हेमंत गुप्ता की जगह राकेश अग्रवाल आर ओम टी कंपनी चुनाव मैदान में उतारे जा सकते हैं। वहीं संयुक्त अध्यक्ष पद पर सुरेश बंसल, उपाध्यक्ष पद पर संदीप नारायण अग्रवाल, सचिव पद पर राकेश अग्रवाल रोम कम्प्यूटर व कोषाध्यक्ष पद पर अजय गोयल का चुनाव लड़ना लगभग तय माना जा रहा है।
हेमंत गुप्ता का त्याग
क्रियेटिव हाउस के प्रमुख सदस्य व रणनीतिकार हेमंत गुप्ता भी जमीनी व सिद्धांतों से भरे पूरे हैं। उन्होंने गत दिवस रामनिवास अग्रवाल द्वारा की गई टिप्पणी को दिल पर लिया है और अपने पुत्र सौरभ गुप्ता को चुनावी मैदान से हटा लिया हैं। हेमंत गुप्ता का कहना है कि वह क्रियेटिव प्रत्याशियों की जीत के लिये हरसंभव काम करेंगे।
क्रियेटिव के दो राकेश अग्रवाल
क्रियेटिव हाउस से इस बार दो राकेश अग्रवाल मैदान में है। इसमें एक राकेश अग्रवाल (रोम कम्प्यूटर) सचिव पद पर व दूसरे राकेश अग्रवाल (आर ओम टी कंपनी) से हैं, जो सहसचिव पद पर अपना भाग्य आजमाएंगे।