धौलपुर लिफ्ट परियोजना: चंबल के जल से बदलेगी धौलपुर की तस्वीर

- धौलपुर जिले में 4.50 लाख लोगों को मिलेगा लाभ
धौलपुर (प्रदीप कुमार वर्मा)। कभी दस्युओं की शरणस्थली के रूप में देश और दुनिया में चर्चित चंबल नदी अब विकास की नई-नई इबारत लिख रही है। धौलपुर लिफ्ट सिंचाई एवं पेयजल परियोजना अब पूर्णता की ओर चल पडी है। यही बजह है कि आने वाले दिनों में  धौलपुर लिफ्ट परियोजना में चंबल के जल से धौलपुर की तस्वीर बदलेगी। इस महत्वपूर्ण परियोजना में चंबल के जल का समुचित उपयोग कर जिले के सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों तक सिंचाई एवं पेयजल पहुंचाया जाएगा। इस परियोजना के पूर्ण होने पर धौलपुर जिले के किसानों, ग्रामीणों एवं आमजन के जीवन में व्यापक परिवर्तन आएगा तथा क्षेत्र की जल समस्या के स्थायी समाधान का मार्ग प्रशस्त होगा। मरुधरा कहे जाने वाले राजस्थान की महत्वपूर्ण जल परियोजनाओं में शुमार इस महत्वाकांक्षी परियोजना की कार्यादेश राशि 772.52 करोड़ रुपये है। 
परियोजना के माध्यम से लगभग 39 हजार 980 हेक्टेयर कृषि भूमि’ को सिंचाई सुविधा उपलब्ध होगी। जिससे धौलपुर एवं राजाखेड़ा विधानसभा क्षेत्रों की सैंपऊ, मनियां, धौलपुर तथा राजाखेड़ा तहसीलों के 256 गांवों के किसान लाभान्वित होंगे। इससे कृषि उत्पादन में वृद्धि, फसल विविधीकरण तथा किसानों की आय में उल्लेखनीय बढ़ोतरी होने की भी उम्मीद है। जल संसाधन विभाग धौलपुर वृत्त के अधीक्षण अभियंता राजीव अग्रवाल ने बताया कि धौलपुर लिफ्ट सिंचाई एवं पेयजल परियोजना की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि मानसून के दौरान चंबल नदी में बहकर व्यर्थ जाने वाले तथा कई बार बाढ़ की स्थिति उत्पन्न करने वाले जल का उपयोग अब सिंचाई एवं पेयजल के लिए किया जाएगा। साथ ही यह प्रदेश की अग्रणी परियोजनाओं में शामिल है, जहां बड़े स्तर पर फव्वारा (स्प्रिंकलर) सिंचाई प्रणाली को अपनाया गया है। यह व्यवस्था जल संरक्षण को बढ़ावा देने के साथ-साथ कृषि क्षेत्र में आधुनिक तकनीक के उपयोग का उत्कृष्ट उदाहरण बनेगी। ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल संकट को दूर करने के लिए परियोजना के कुल जल का 10 प्रतिशत हिस्सा पेयजल आपूर्ति हेतु आरक्षित रखा गया है। इससे राजाखेड़ा एवं मनियां तहसील के 190 गांवों को स्वच्छ एवं पर्याप्त पेयजल उपलब्ध कराया जाएगा। जिन क्षेत्रों में आज भी पेयजल की गंभीर समस्या है, वहां यह परियोजना किसी वरदान से कम नहीं होगी। परियोजना के अंतर्गत 225 किलोमीटर लंबाई में डीआई एवं एमएस पाइपलाइन का भूमिगत नेटवर्क तथा 1 हजार 445 किलोमीटर लंबा एचडीपीई डिस्ट्रीब्यूटरी नेटवर्क विकसित किया जा रहा है। 
यह अत्याधुनिक जल वितरण प्रणाली क्षेत्र में जल प्रबंधन को अधिक प्रभावी और टिकाऊ बनाएगी। ऊर्जा दक्षता एवं पर्यावरण संरक्षण को ध्यान में रखते हुए परियोजना को सौर ऊर्जा आधारित बनाया गया है। इसके लिए 30 मेगावाट क्षमता के सोलर पावर प्लांट’ का निर्माण कार्य प्रगति पर है, जिसका लगभग 70 प्रतिशत कार्य पूर्ण हो चुका है। विगत ढाई वर्षों में लगभग 324.74 करोड़ रुपये व्यय कर पाइपलाइन, इंटेक स्ट्रक्चर, एमबीआर तथा 132 केवी जीएसएस के निर्माण कार्य पूर्ण किए जा चुके हैं। इसके अलावा 108 डिग्गियों में से 62 डिग्गियों का निर्माण कार्य पूर्ण’ कर लिया गया है। अब तक परियोजना पर कुल 861.26 करोड़ रुपये व्यय किए जा चुके हैं। परियोजना के पूर्ण होने पर जिले की लगभग 4.50 लाख आबादी को सिंचाई एवं पेयजल सुविधाओं का प्रत्यक्ष लाभ मिलेगा। परियोजना में अब तक प्रगति के अनुसार इस वर्ष 30 अक्टूबर तक परययोजना का काम पूर्ण होने का अनुमान है। यह परियोजना न केवल कृषि विकास को नई गति देगी, बल्कि ग्रामीण जीवन स्तर में सुधार लाकर धौलपुर जिले के समग्र विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

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