श्री रामभक्त मंडल, ग्वालियर का गौसेवा एवं मानस सेवा के दो पुण्य आयोजन संपन्न
ग्वालियर, । सनातन सेवा, लोककल्याण एवं मानवता के पावन भाव को आत्मसात करते हुए श्री रामभक्त मंडल, ग्वालियर द्वारा आज दो महत्वपूर्ण सेवा कार्यों का सफल आयोजन किया गया। दोनों ही कार्यक्रमों में मंडल के सदस्यों, सहयोगियों एवं श्रद्धालुओं ने उत्साहपूर्वक सहभागिता कर सेवा, करुणा एवं सामाजिक उत्तरदायित्व का प्रेरणादायी उदाहरण प्रस्तुत किया।
प्रथम आयोजन के अंतर्गत लाल टिपारा गौशाला, ग्वालियर में प्रातः 10 बजे पावन गौसेवा का कार्यक्रम संपन्न हुआ। मंडल के गौसेवकों एवं सहयोगियों के सहयोग से गौमाताओं को 1542 किलोग्राम हरे चारे (गौभोग) का समर्पण किया गया। इस सेवा कार्य में अनेक श्रद्धालु गौसेवकों ने अपनी श्रद्धानुसार सहयोग राशि प्रदान कर सहभागिता निभाई।
*विशेष उल्लेखनीय है कि मंडल के सहयोगी सदस्यों द्वारा माह मई 2026 में कुल 212 कुंटल से अधिक हरे चारे की सेवा गौमाताओं को समर्पित की गई है,* जो अब तक का सर्वाधिक कीर्तिमान है। यह उपलब्धि मंडल के गौसेवकों की सेवा भावना, समर्पण एवं सामूहिक सहयोग का प्रेरणादायी उदाहरण है। मंडल ने सभी सहयोगियों के प्रति हृदय से आभार व्यक्त करते हुए इसे गौसंरक्षण एवं धर्मरक्षा की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास बताया।
इसी क्रम में *मानस सेवा के अंतर्गत कैंसर हॉस्पिटल परिसर, ग्वालियर में प्रातः 8:30 बजे निराश्रित, जरूरतमंद एवं रोगी परिजनों हेतु शीतल सत्तू एवं पोहा वितरण का आयोजन किया गया।* इस सेवा के माध्यम से बड़ी संख्या में उपस्थित जनों को प्रसाद स्वरूप पौष्टिक एवं शीतल खाद्य सामग्री वितरित की गई। मंडल के सदस्यों ने स्वयं श्रमदान कर सेवा कार्य को सफल बनाया तथा पीड़ित एवं असहाय जनों के प्रति संवेदना, करुणा एवं मानवता का संदेश दिया।
मंडल के पदाधिकारियों ने कहा कि सेवा ही भारतीय संस्कृति की आत्मा है तथा गौसेवा एवं नरसेवा दोनों ही ईश्वर की सच्ची उपासना के स्वरूप हैं। उन्होंने सभी सहयोगी सदस्यों, गौसेवकों, दानदाताओं एवं उपस्थित श्रद्धालुओं का आभार व्यक्त करते हुए भविष्य में भी इसी प्रकार समाजहित के कार्यों में सहभागी बनने का आग्रह किया।
अंत में मंडल द्वारा सभी के सुख, समृद्धि, उत्तम स्वास्थ्य एवं मंगलमय जीवन की कामना की गई।
"गौ सेवा ही परम सेवा है, गौ रक्षा ही धर्म रक्षा है।"
"नर सेवा ही नारायण सेवा है।"