कम पानी में अधिक उत्पादन देने वाली फसलों के लिए किसानों को करें जागरूक: कृषि उत्पादन आयुक्त
ग्वालियर। किसानों को कम पानी में अधिक उत्पादन देने वाली फसलों के लिये प्रेरित करें। कम वर्षा को ध्यान में रखकर फसल विविधीकरण, कम पानी में अच्छा उत्पादन देने वाली किस्मों, ड्रिप-स्प्रिंकलर सिंचाई और नमी संरक्षण में उपयोगी तकनीक के प्रति किसानों को विशेष रूप से जागरूक किया जाए। इस आशय के निर्देश कृषि उत्पादन आयुक्त केसी गुप्ता ने ग्वालियर व चंबल संभाग के सभी जिलों की खरीफ समीक्षा एवं रबी फसलों की तैयारी की वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए समीक्षा बैठक में दिए। लगभग 7 घंटे चली समीक्षा बैठक में कृषि विभाग के साथ-साथ उद्यानिकी, पशुपालन, मत्स्य पालन, सहकारिता विभागों की भी विस्तार से समीक्षा कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
बैठक में संभागीय आयुक्त मनोज खत्री ने संभागीय आयुक्त कार्यालय में संभागीय अधिकारियों के साथ एवं कलेक्टर श्रीमती रुचिका चौहान ने कलेक्ट्रेट स्थित एनआईसी कक्ष में जिला अधिकारियों के साथ शामिल हुईं। बैठक में ग्वालियर-चंबल संभाग के सभी जिलों के जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी एवं कृषि, पशुपालन, उद्यानिकी, मत्स्य पालन, सहकारिता विभाग के अधिकारी उपस्थित थे। कृषि उत्पादन आयुक्त केसी गुप्ता ने कहा है कि प्रदेश में कृषि उत्पादन बढ़ाने, किसानों को समय पर कृषि आदान उपलब्ध कराने, रबी मौसम 2026-27 की तैयारियों को प्रभावी बनाने तथा कृषि एवं संबंधित क्षेत्रों की विभिन्न योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन के संबंध में सभी अधिकारी योजनाबद्ध तरीके से कार्य करें। बैठक में कृषि उत्पादन आयुक्त, कृषि विभाग के सचिव श्री निशांत बरवड़े तथा उद्यानिकी, पशुपालन, मत्स्य पालन एवं सहकारिता विभाग के सचिवों द्वारा भी खरीफ 2026 की प्रगति एवं रबी वर्ष 2026-27 के लिये की जा रही तैयारियों का विस्तृत आंकलन कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। बैठक में ई-मंडी व्यवस्था की भी विस्तार से समीक्षा की गई। कृषि उपज के वितरण में पारदर्शिता, किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य तथा मंडी व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने के लिये ई-मंडी से संबंधित कार्यों को प्रभावी बनाने पर जोर दिया गया।
पशुपालन व डेयरी विकास विभाग की समीक्षा के दौरान निर्देश दिए गए कि पशुपालकों को डॉ. भीमराव अम्बेडकर कामधेनु योजना का लाभ उठाने के लिये प्रेरित करें। इन योजनाओं से गौशालाओं को भी जोड़ें। साथ ही दुग्ध संग्रहण के लिये पुरानी समितियों को सक्रिय करें। साथ ही नई समितियां भी गठित की जाएं। कलेक्टर श्रीमती रुचिका चौहान ने महिला हितग्राहियों को मत्स्य व्यवसाय के लिये चलित इकाई (मोटरसाइकिल) उपलब्ध कराने के लिये आग्रह किया। बैठक में बताया गया कि दिसम्बर माह में इसके लिये बजट उपलब्ध कराया जायेगा। कृषि उत्पादन आयुक्त गुप्ता ने कि राज्य शासन का मत्स्य उत्पादन बढ़ाने पर विशेष जोर है। इसके साथ बतख पालन व कुक्कुट पालन को भी जोड़ें। कृषि विभाग की समीक्षा बैठक में ग्वालियर – चंबल संभाग के संभागीय आयुक्त मनोज खत्री ने ग्वालियर-चंबल संभाग के सभी जिलों के कृषि, उद्यानिकी, पशुपालन के संबंध में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने सभी जिलों में किसानों के हित में शासन द्वारा किए जा रहे कार्यों के प्रभावी क्रियान्वयन की बात भी कही। बैठक में कलेक्टर श्रीमती रुचिका चौहान ने भी ग्वालियर जिले में किसानों के लिये शासन की प्राथमकता वाली सभी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के साथ ही किसानों को खाद-बीज की उपलब्धता सुनिश्चित करने की बात कही।