मंत्री-सांसद में दक्षिण की लड़ाई, महेन्द्र यादव की निगाह ग्रामीण पर
ग्वालियर में आने वाले समय में भाजपा में अंदरूनी घमासान अब बढ़ने के आसार है। ठाकुर साहब और महाराज खेमे के कारिंदे आमने सामने आने लगे है। हाल ही में महाराज साहब के समर्थक मंत्री और ठाकुर साहब के समर्थक सांसद में चली आ रही रस्साकशी खुलकर सामने आ गई है। राजनीतिक सूत्रों की माने तो सांसद महोदय का मन आगामी आम चुनावों में दक्षिण विधानसभा से चुनाव लड़ने का है। महाराज साहब को कुशवाह समाज के कार्यक्रम में नारेबाजी और काले झंडे दिखाये गये थे। इस विरोध प्रदर्शन का आरोप सांसद महोदय के समर्थकों पर लगा है। वहीं इस घटनाक्रम के बाद मंत्री महोदय ने भी एक वीडियो जारी कर सांसद का नाम लिये बगैर कुछ आरोप लगाये। केन्द्र से लेकर प्रदेश तक में कमल दल की सरकार होने के बाद भी पार्टी में चल रही अंदरूनी कलह अब खुलकर सड़कों पर आ गई है। यह सब अंचल के लोग भी वायरल वीडियो के माध्यम से देख चुके है। पार्टी सूत्रों की माने तो यह लड़ाई दक्षिण विधानसभा की है। मंत्री और सांसद दोनों ही दक्षिण से टिकट की आस में है। क्योंकि सांसद महोदय ग्रामीण विधानसभा से पिछला चुनाव हार गये थे। इसके बाद ठाकुर साहब की कृपा से वह सांसदी का टिकट लेकर संसद पहुंच गये और अब उनकी पुनः निगाह विधानसभा पर है और अब वह सेफ सीट भाजपा के गढ़ दक्षिण विधानसभा पर नजर गढ़ाये बैठे है।
इधर सांसद जी के दक्षिण की ओर रूख करने से ग्रामीण यानी मुरार सीट पर पहले चुनाव हार चुके महेन्द्र सिंह यादव की बल्ले बल्ले हो गई हैं। अब अपेक्स बैंक के प्रशासक सोच रहे है ग्रामीण सीट खाली है क्यों न उस पर पुनः दावेदारी की जाये। अब महेन्द्र सिंह पूरी तरह से ग्रामीण सीट पर चुनाव लड़ने की रणनीति पर काम कर रहे हैं।