गर्मी के मौसम में शहरी तथा ग्रामीण क्षेत्र में पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए: प्रभारी मंत्री सिलावट
ग्वालियर। प्रदेश के जल संसाधन मंत्री एवं जिले के प्रभारी मंत्री तुलसीराम सिलावट ने कहा है कि गर्मी के मौसम को देखते हुए आमजनों के लिये पेयजल के पुख्ता प्रबंधन किए जाएं। शहरी तथा ग्रामीण क्षेत्र में नागरिकों को पेयजल आपूर्ति में किसी भी प्रकार की परेशानी न हो। उन्होंने कहा है कि नागरिकों के साथ-साथ पशुधन को भी गर्मी के मौसम में पानी उपलब्ध हो यह भी सुनिश्चित किया जाए। इसके साथ ही सभी हैंडपंप चालू हालत में रहें, इसकी भी मॉनीटरिंग की जाए। प्रभारी मंत्री तुलसीराम सिलावट ने गुरुवार को ग्वालियर प्रवास के दौरान मुरार सर्किट हाउस में प्रशासन, पुलिस एवं नगर निगम के अधिकारियों की बैठक में यह निर्देश दिए।
बैठक में भाजपा जिला अध्यक्ष जयप्रकाश राजौरिया के साथ ही संभागीय आयुक्त मनोज खत्री, आईजी ग्वालियर अरविंद कुमार सक्सेना, डीआईजी ग्वालियर असित यादव, कलेक्टर श्रीमती रुचिका चौहान, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक धर्मवीर सिंह, निगम आयुक्त संघ प्रिय, सीईओ जिला पंचायत सोजान सिंह रावत, डीन मेडीकल कॉलेज डॉ. आर के एस धाकड़, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. सचिन श्रीवास्तव उपस्थित थे। प्रभारी मंत्री तुलसीराम सिलावट ने पर्यावरण संरक्षण के लिये वृहद वृक्षारोपण की शहरी तथा ग्रामीण क्षेत्र में अभी से तैयारी करने की बात भी कही। उन्होंने यह भी कहा कि ग्वालियर जिले की पहाड़ियों को भी चयनित कर उन्हें हरा-भरा बनाने का अभियान सभी के सहयोग से हाथ में लिया जाए। वृक्षारोपण में समाज के सभी वर्गों की सहभागिता हो, इस पर भी विशेष ध्यान दिया जाए। प्रभारी मंत्री सिलावट ने सीवर संधारण कार्य की समीक्षा के दौरान कहा है कि बरसात से पूर्व सभी नालों की सफाई का विशेष अभियान चलाया जाए। बरसात के दौरान कहीं पर भी जल भराव की स्थिति न हो। गत वर्षों में जहां भी जल भराव की स्थिति आई हो वहां पर समय रहते सभी प्रबंधन किए जाएं। एलीवेटेड रोड निर्माण के कारण स्वर्ण रेखा में जो मिट्टी जमा है उसको हटाने का कार्य निर्धारित समय-सीमा में किया जाए ताकि बरसात के दौरान किसी प्रकार की परेशानी न आए। प्रभारी मंत्री तुलसीराम सिलावट ने कहा कि आम नागरिकों को बेहतर यातायात व्यवस्था मिले इसके पुख्ता प्रबंधन किए जाना चाहिए। प्रभारी मंत्री तुलसीराम सिलावट ने समीक्षा के दौरान यह भी निर्देश दिए कि जिले में संचालित विकास के कार्य निर्धारित समय-सीमा में और गुणवत्ता के साथ हों, यह भी सुनिश्चित किया जाए। सड़कों के निर्माण कार्यों को प्राथमिकता से पूर्ण किया जाए। जहां भी सड़कें खराब हैं वहां पर सुधार का कार्य तत्परता से किया जाए।