महर्षि भृगु ने संसार को अग्नि से परिचय करायाः अण्णा महाराज
- अण्णा महाराज मठ में मना महर्षि भृगु का प्राकट्य उत्सव
ग्वालियर। संसार को अग्नि और आग्नेय अस्त्रों से सर्वप्रथम परिचय महर्षि भृगु ने ही कराया था। उनके माध्यम से ही ज्योतिष शास्त्र के शाश्वत ग्रंथ भृगु संहिता की रचना हुई। यह बात महर्षि भृगु के प्राकट्य उत्सव पर श्री सद्गुरु अण्णा महाराज मठ के महंत मनीष विट्ठल अण्णा महाराज ने कही। सर्व ब्राह्मण महासंघ के युवा अध्यक्ष कपिल भार्गव द्वारा निंबालकर की गोठ नंबर 2, कंपू स्थित मठ में सामूहिक हवन पूजन आचार्य हरीश चंद्र भार्गव व यतेंद्र कृष्ण शास्त्री के सानिध्य में किया गया।
कपिल भार्गव ने कहा कि महर्षि भृगु सप्त ऋषि मंडल के पहले ऋषि हैं। वह संजीवनी विद्या के प्रवर्तक थे। उनके द्वारा रचित भृगु संहिता में दुनिया के प्रत्येक जातक की तीन जन्मों की कुंडली है, जो ऐतिहासिक एवं प्रामाणिक है। हरीश चंद्र शास्त्री ने कहा कि ज्ञान और तपस्या के बल पर वेदों, उपनिषदों और धर्मशास्त्रों के गूढ़ रहस्यों को समझा और समाज के कल्याण हेतु उनका प्रसार किया। इस अवसर पर कार्यक्रम संयोजक कपिल भार्गव ने महंत मनीष विट्ठल अण्णा महाराज को ब्रह्म रत्न सम्मान दिया। वहीं आचार्य हरीश चंद्र भार्गव, यतेंद्र कृष्ण शास्त्री को भी सम्मानित किया गया। आखिर में अण्णा महाराज ने महर्षि भृगु के आदर्शों को अपनाने का संकल्प दिलाया। कार्यक्रम में प्रमोद दुबे, दीपक शर्मा, विशाल शर्मा, नरेंद्र शर्मा बॉबी, मनीष शर्मा, राजेंद्र भारद्वाज, श्रेष्ठ, परशुराम, दीपक सिंह, शकुंतला, मांडवी अण्णा महाराज आदि उपस्थित रहे।