शक्ति दीदी नवाचार के लिये कलेक्टर श्रीमती चौहान को मिला मुख्यमंत्री उत्कृष्टता पुरस्कार, मंत्री काश्यप ने किया सम्मानित
ग्वालियर। महिला सशक्तिकरण की नई इबारत लिख रहे ग्वालियर जिले के “शक्ति दीदी” नवाचार को प्रदेश स्तरीय सम्मान मिला है। मंगलवार को प्रदेश की राजधानी भोपाल स्थित आरसीवीपी नरोन्हा प्रशासन अकादमी में आयोजित हुए सिविल सेवा दिवस समारोह में सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्री चैतन्य काश्यप ने मुख्य सचिव अनुराग जैन की मौजूदगी में ग्वालियर कलेक्टर श्रीमती रुचिका चौहान को “मुख्यमंत्री उत्कृष्टता पुरस्कार” देकर सम्मानित किया। उन्होंने कलेक्टर श्रीमती रुचिका चौहान एवं सहायक आपूर्ति अधिकारी सौरभ जैन व सहायक संचालक महिला बाल विकास राहुल पाठक को मुख्यमंत्री उत्कृष्टता पुरस्कार के रूप में एक लाख रुपए की नगद राशि एवं प्रशस्ति पत्र प्रदान किए । मंत्री काश्यप ने सिविल सेवा दिवस पर ग्वालियर के नवाचार सहित 9 प्रकार के सफल नवाचारों के लिये मुख्यमंत्री उत्कृष्टता पुरस्कार प्रदान किए।
ग्वालियर जिले को यह पुरस्कार “सामाजिक समावेश एवं सशक्तिकरण” कैटेगरी में दिया गया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की मंशानुसार, समाज की अंतिम पंक्ति की महिलाओं को मुख्यधारा से जोड़ने के लिए कलेक्टर श्रीमती रुचिका चौहान ने “शक्ति दीदी” नवाचार किया है। जिसके तहत जरूरतमंद महिलाओं को पेट्रोल पंपों पर “फ्यूल डिलेवरी वर्कर” के रूप में सम्मानजनक रोजगार दिलाया गया है। मंत्री काश्यप ने इस अवसर पर कहा कि लोक सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए नवाचार की आवश्यकता होती है। लोक महत्व की सेवाओं तक सभी हितग्राही लोगों की पहुंच आसान होना चाहिए। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व और मार्गदर्शन में विकसित भारत के निर्माण में मध्यप्रदेश निरंतर अपना योगदान देने के लिए तैयार है। आज मध्यप्रदेश बीमारू राज्य की श्रेणी से बाहर आकर विकासशील प्रदेश बन चुका है और तेजी से विकास कर रहा है। कार्यक्रम में अपर मुख्य सचिव सामान्य प्रशासन संजय दुबे, प्रशासन अकादमी के महानिदेशक सचिन सिन्हा और बड़ी संख्या में लोक सेवक उपस्थित थे। उप सचिव, मुख्यमंत्री सुधीर कोचर ने कार्यक्रम का संचालन किया। संचालक प्रशासन अकादमी मुजीबुर्रहमान खान ने आभार व्यक्त किया।
अब तक 112 महिलायें बन चुकी हैं 'शक्ति दीदी'
पिछले साल 2 जनवरी 2025 को महज 5 महिलाओं से शुरू हुआ शक्ति दीदी का कारवां मौजूदा अप्रैल माह तक 112 "शक्ति दीदियों" तक पहुँच गया है। “शक्ति दीदी” नवाचार के तहत जिले की ऐसी महिलाओं को चुना गया जो आर्थिक रूप से बेहद कमजोर थीं, अपनों द्वारा उपेक्षित थीं या विधवा थीं। जिला प्रशासन ने इन महिलाओं को पेट्रोल पंपों पर 'फ्यूल डिलीवरी वर्कर' के रूप में सम्मानजनक रोजगार दिलाया।