sandhyadesh

अक्षय तृतीया पर मुनिराजों ने किया जिन सहस्त्रनाम शांतिधारा और भक्तामर विधान

ग्वालियर। अक्षय तृतीया पर जैन उपाध्याय विनिश्चल सागर और मुनिराजों ससंघ के सानिध्य और सकल जैन समाज ग्वालियर के तत्वाधान में जिन सहस्त्रनाम शांतिधारा एवं भक्तामर विधान का आयोजन रविवार को नई सड़क स्थित चंपाबाग धर्मशाला में आयोजित किया गया। वहीं अक्षय तृतीया पर जैन समाज के लोगो जैन संतो को इच्छु (गन्ने) के रस से आहारचर्या कराई। 
जैन समाज के प्रवक्ता सचिन जैन ने बताया अक्षय तृतीया पर उपाध्याय विनिश्चल सागर, मुनिश्री अनुपम सागर महाराज, मुनिश्री अनुपमा सागर महाराज, मुनिश्री विनिशोध सागर, मुनि निर्मोह सागर ओर मुनिश्री अनंग सागर महाराज ने 1008 मंत्रो से जिन सहस्त्रनाम शांतिधारा भगवान आदिनाथ के मस्तक पर जल के कलशों से जैन समाज के पुरुष और युवाओं ने पीले वस्त्र और मुकुट लगाकर भक्ति के साथ की। अक्षय तृतीया पर भक्तामर विधान में  मुनिराजों ने 48 मंत्रो का गुड़गान कर इंद्र इन्द्रणियों ने संगीतमय पूजन कर भक्तामर मंडप पर झूमते हुए 48 महा अर्घ्य नारियल के गोले समर्पित किए। इस मौके पर महेंद्र टोंग्या, विनय कासलीवाल, मुकेश पहाड़िया, शंशाक जैन, पंकज बाकलीवाल, संजीव अजमेर मौजूद थे।

posted by Admin
13

Advertisement

sandhyadesh
sandhyadesh
sandhyadesh
sandhyadesh
sandhyadesh
Get In Touch

Padav, Dafrin Sarai, Gwalior (M.P.)

98930-23728

sandhyadesh@gmail.com

Follow Us

© Sandhyadesh. All Rights Reserved. Developed by Anuj Mathur

<1-------Google-aNALY-------->