जिला अध्यक्ष गोविंद भैया परिहार का कांग्रेस व अन्य विपक्षी पार्टियों पर तीखा हमला
संसद में जो हुआ, वह अत्यंत निराशाजनक है। नारी शक्ति वंदन अधिनियम को बाधित करना करोड़ों माताओं-बहनों की आकांक्षाओं, अधिकारों और सम्मान पर सीधा प्रहार है। कांग्रेस, टीएमसी और सपा का यह रुख दर्शाता है कि महिला सशक्तिकरण से अधिक उनके लिए राजनीतिक स्वार्थ मायने रखते हैं। दशकों से प्रतीक्षित इस ऐतिहासिक अवसर को रोकना महिलाओं की भागीदारी और उनके सम्मान दोनों के साथ अन्याय है।
एक ओर प्रधानमंत्री Narendra Modi नारी को ‘शक्ति’ मानकर उन्हें मुख्यधारा में लाने का सतत प्रयास कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर कांग्रेस और इंडि. गठबंधन उनकी हिस्सेदारी रोककर जश्न मनाने जैसी मानसिकता दिखा रहे हैं। यह न केवल निंदनीय है, बल्कि नारी शक्ति के सामर्थ्य का अपमान भी है। नारी शक्ति को रोकना नहीं, उसे सशक्त बनाना ही राष्ट्र की प्रगति का आधार है। हम अपनी संस्कृति के मूल भाव को याद रखते हुए देश की आधी आबादी को उसका अधिकार दिलाने के लिए संकल्पित हैं।