बांग्लादेशी भक्तों के हरे नाम संकीर्तन पर झूमे श्रद्धालु, भगवान राम को छप्पन भोग लगा रामलीला का किया मंचन
ग्वालियर | इस्कॉन द्वारा आयोजित रामनवमी उत्सव में भक्ति, संगीत और रामलीला का अनूठा संगम देखने को मिला। बांग्लादेशी भक्तों के हरे नाम संकीर्तन से गूंजते वातावरण में श्रद्धालु भाव-विभोर हो उठे, वहीं भगवान राम की लीलाओं के जीवंत मंचन ने सभी का मन मोह लिया। नया बाजार स्थित किडीज कॉर्नर स्कूल में शुक्रवार को इस्कॉन द्वारा भगवान श्रीराम के प्राकट्य उत्सव रामनवमी को श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया गया।
कार्यक्रम की शुरुआत हरे नाम संकीर्तन से हुई, जिसमें बांग्लादेश से आए भक्तों ने मधुर भजनों की प्रस्तुति दी। मृदंग और करताल की धुन पर गूंजते संकीर्तन ने ऐसा समां बांधा कि श्रद्धालु खुद को थिरकने से रोक नहीं सके। पूरा परिसर ‘हरे कृष्ण’ और ‘जय श्रीराम’ के जयकारों से गूंज उठा। इसके बाद मंदिर के प्रमुख मानस चंद्र दास (महेंद्र प्रभु) ने भगवान राम की दिव्य लीलाओं का भावपूर्ण वर्णन किया। उनके प्रवचन ने श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक गहराई से जोड़ते हुए मर्यादा पुरुषोत्तम राम के आदर्शों की याद दिलाई। अंत में भगवान श्रीराम की महाआरती की गई, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। आरती के बाद भगवान को छप्पन भोग अर्पित किया गया और सभी भक्तों के बीच प्रसाद वितरित किया गया। पूरे आयोजन ने न केवल श्रद्धालुओं को भक्ति में सराबोर किया, बल्कि रामनवमी के पर्व को यादगार बना दिया। मंदिर परिसर में गूंजते जय श्रीराम के उद्घोष ने माहौल को पूरी तरह आध्यात्मिक बना दिया।
भगवान राम के 108 नामों की दी स्तुति, रामलीला ने मोहामन
मंदिर की माताजी द्वारा भगवान राम के 108 नामों की स्तुति विशेष आकर्षण का केंद्र रही। भक्तिभाव से भरी इस प्रस्तुति ने उपस्थित श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक अनुभूति से भर दिया। आयोजन का मुख्य आकर्षण रही रामलीला, जिसमें प्रभु जी द्वारा भगवान राम के जीवन प्रसंगों का सजीव मंचन किया गया। राम, सीता और लक्ष्मण के पात्रों ने अपने अभिनय से दर्शकों का दिल जीत लिया। मंचन के दौरान दर्शक पूरी तरह भावनात्मक रूप से जुड़ते नजर आए।