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Sandhyadesh

ताका-झांकी

उपेक्षा की गई थी पवैया की, उर्जा मंत्री उन्हें धुर विरोधी क्यों समझते हैं....?

18-Sep-22 872
Sandhyadesh

ग्वालियर। बीती 15 सितंबर को ग्वालियर मेंं ऐलीवेटेड रोड व अन्य रोडों के शिलान्यास कार्यक्रम मे जानबूझकर भाजपा के पूर्व मंत्रियों से लेकर वरिष्ठ दिग्गजों की उपेक्षा की गई थी और जानबूझकर उन्हें कार्यक्रमों में भी नहीं बुलाया गया था। यदि यह मंत्री व भाजपा के दिग्गज कार्यक्रम में आते , तो इन कार्यक्रमों की जिम्मेदारी वाले मंत्री जी का आभा मंडल बिना चमक-दमक के रह जाता और खबरों की सुर्खियों में भी यह पूर्व मंत्री पवैया भी होते। क्योंकि पवैया की भाषण शैली सारे कार्यक्रम का ग्लैमर और बढा देती। यहां बात करें तो बजरंगी सुप्रीमो और भाजपा के वरिष्ठ नेता कुंवर जयभान सिंह पवैया की तो जानबूझकर उनकी उपेक्षा की गई थी। क्योंकि पवैया कार्यक्रम की जिम्मेदारी संम्हालने वाले उर्जा मंत्री प्रद्युम्र सिंह तोमर के पूर्व में राजनैतिक धुर विरोधी रहे हैं। वह तो केन्द्रीय मंत्री सिंधिया के आने के बाद प्रद्युम्र सिंह तोमर को भी मजबूरी में कांग्रेस से भाजपा में आना पडा और दोबारा विधानसभा चुनाव लडने के लिए बजरंगी दादा की शरण में भी उनके घर जाना पडा था।
बस अब चुनाव जीतने के बाद मंत्री बने उर्जा मंत्री प्रद्युम्र सिंह तोमर को यह बात चुभती रहती है और वह इसी कारण पूर्व मंत्री व बजरंगी दादा पवैया को इसी कारण अपने कार्यक्रमों में तो भूले भटके भी नहीं बुलाते है। वैसे पवैया भी भाजपा के ऐसे खांटी नेता हैं, जो संघ की लाइन पर चलते हैं और हल्की बातों से दूर रहते हैं, उनका अपना एक अलग ग्लैमर है और उनको व उनकी खबरों को सोशल मीडिया पर लोग बेहद पसंद व फालो करते हैं।
सूत्रों के मुताबिक बजरंगी सुप्रीमो को यह उपेक्षा बेहद नागवार गुजरी है और भविष्य में इसका रंग भी पार्टी में देखने को मिल सकता है। वैसे भी पवैया समर्थक अब आलाकमान के समक्ष ग्वालियर विधानसभा से ही दादा को पुन: चुनावी मैदान में उतारने की बात करने लगे हैं। इससे उर्जा मंत्री तोमर खेमे में बैचेनी भी बढी है। हालांकि सूत्र बताते हैं कि केन्द्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया और भाजपा के वरिष्ठ नेता पवैया की बीते दिवस प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के ग्वालियर आगमन पर एयरफोर्ट पर स्वागत के दौरान गुफ्तगूं भी हुई है।
ऐसा माना जाता है कि सिंधिया ने पवैया की उपेक्षा के मामले की जानकारी मिलने पर इसे गंभीरता से लिया है क्योंकि वह भी पवैया से अपने बेहतर हुये संबंधों को बेहतर ही रखना चाहते है ।
क्रमश:---------

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