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कहां 37 के दावे थे.......!

05-Aug-22 112
Sandhyadesh

ग्वालियर। भारतीय जनता पार्टी भले ही सभापति पद पर कब्जा करने में कामयाव हो गई है , लेकिन उसके सामने अब चिंता का विषय यह है कि वह कौन 3 पार्षद हैं जिन्होंने भाजपा को वोट नहीं दिये। जबकि भाजपा की ओर से दावा था कि 37 पार्षद हमें वोट करेंगे और कुछ कांग्रेस के भी तोड लेंगे।
कुल मिलाकर भाजपा के मैनेजमेंट की पोल खुल गई है। वह बमुश्किल मात्र एक वोट से ही अपनी इज्जत बचा पाने में कामयाब रही है, यदि एक दो पार्षद और छिटक जाते तो भाजपा सभापति पद भी खो देती।
अब महापौर प्रत्याशी सुमन यशवीर शर्मा की हार के बाद सभापति पद पर दावे के मुताबिक वोट कम कैसे रह गये इस पर भी समीक्षा होगी और भाजपा संगठन के लोग सिर जोडकर बैठेंगे कि इतने दिग्गज भाजपा नेताओं की उपस्थिति के बाद भी दिल्ली में सैर सपाटा , केन्द्रीय मंत्रियों की गाइड लाइन के बाद भी कम वोट कैसे रह गये।


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