BREAKING!
  • क्या यही स्मार्ट सिटी है.....?
  • निकाय चुनावों से उत्साहित कांग्रेस संगठन में नई जान फूंकने का प्रयास
  • डीआरडीई में तिरंगा अभियान के तहत विभिन्न कार्यक्रम आयोजित
  • अब संजू की तैयारी विधानसभा या भिंड से लोकसभा .......?
  • ऊषा अभियान से जुड़ने पर विद्यार्थियों को मिलता है विशेष ग्रेड अभियान से जुड़े लगभग 5 लाख लोग
  • मुख्यमंत्री चौहान ने वीर सपूत शहीद खुदीराम बोस की पुण्य-तिथि पर नमन किया
  • महापौर ने ग़रीबों के बीच मनाया -रक्षा सूत्र पर्व
  • पापों के प्रायश्चित और पुण्य कामना के लिए किया श्रावणी उपाकर्म
  • व्यापारिक हितों के लिए कैट का कार्य प्रशंसनीय : मनोज तोमर
  • ग्वालियर के 12 करातेकाज़, आल इंडिया इंडिपेंडेंस कप कराते चैंपियनशिप में दिखायेंगे दम

पार्षदों का सियासी पर्यटन, क्या ये भाजपा की घबराहट है?

03-Aug-22 53
Sandhyadesh

ग्वालियर। सबसे ताकतवर और बड़ी पार्टी भारतीय जनता पार्टी को आखिर ग्वालियर में किस बात का डर है। किस घबराहट में उसने अपने पार्षदों को सियासी पर्यटन का स्वाद चखाया है। हरियाणा के रेवड़ी में सभी पार्षदों की मौज हो रही है और वह पूरी तरह से सियासी पर्यटन का आनंद उठा रहे हैं। 
लोकतंत्र में अब सियासी पर्यटन हावी होता जा रहा है। अभी तक यह आनंद विधायक ले रहे थे, लेकिन अब इसका भोग पार्षदों को भी लगा दिया गया है। ग्वालियर में पहली मर्तबा ऐसा हो रहा है कि जब पार्षदों को सियासी पर्यटन पर भेजा गया है। आपको हम बताते चले कि ग्वालियर में हाल ही में संपन्न निकाय चुनाव में कांग्रेस की शोभा सिकरवार महापौर चुनी गई थी। 66 पार्षदों में से 25 पर कांग्रेस और 34 पर भाजपा ने कब्जा जमाया था। जबकि 7 निर्दलीय जनता ने चुने थे। अब ग्वालियर नगर निगम में सभापति को लेकर दौड़ चल रही है। कांग्रेस का दावा है कि सभापति भी कांग्रेस का ही बनेगा। इसके बाद परिषद में सबसे बड़ी पार्टी बनी भाजपा में एक घबराहट देखी गई। महापौर और पार्षदों के शपथ के बाद ही अगले दिन सुबह भाजपा ने अपने सभी पार्षदों को दो लग्जरी गाड़ियों में हरियाणा के रेवड़ी भेज दिया है। अब ये पार्षदों की दौड़ भाजपा की घबराहट दिखा रही है। आखिर इतनी बड़ी पार्टी को किस बात का डर सता रहा है। 
देवतुल्य जैसे कार्यकर्ताओं पर क्या भाजपा को विश्वास नहीं, जो डर कर सभी को ग्वालियर से बाहर भेज दिया। पार्षद बाहर चले भी गये है और वहां सियासी पर्यटन का आनंद उठा रहे है। इधर वोटरों का मन जब टटोला गया तो उनका साफ कहना था कि हमने प्रतिनिधि चुना है, ना कि कोई पर्यटक जो शपथ लेते ही हरियाणा मौज करने चला गया। इधर भाजपा की घबराहट के मायने समझे तो उन्हें टूट का डर सता रहा है कि कहीं कोई नवनिर्वाचित महापौर और उनके विधायक पति के लोकलुभावन वायदे में ना फंस जाये इसलिए सभी को सुबह ही ग्वालियर से बाहर भेज दिया गया। वहां उनकी केन्द्रीय मंत्रीगणों नरेन्द्र सिंह और ज्योतिरादित्य सिंधिया के साथ बैठक की चर्चा भी है। साथ ही जिलाध्यक्ष कमल माखीजानी भी रेवड़ी पहुंच गये है और वहां सभी पार्षदों पर निगरानी रखी जा रही है। 

Popular Posts