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किसानों को फसल विविधीकरण के लिए प्रेरित करें – सीईओ तिवारी

10-May-22 30
Sandhyadesh

जिला पंचायत सीईओ ने बैठक लेकर कृषि एवं संबंधित विभाग के अधिकारियों को दिए निर्देश
ग्वालियर / खेती में फसलों के विविधीकरण के द्वारा कृषक अपनी आय बढा सकते है। इसलिए जिले के किसानों को फसल विविधीकरण अर्थात इंटर क्रॉपिंग एवं मिश्रित खेती के लिये प्रोत्साहित करें। इस आशय के निर्देश जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी  आशीष तिवारी ने कृषि एवं खेती किसानी से जुड़े अन्य विभागों के अधिकारियों को दिए। उन्होंने कहा फसल क्षति के जोखिम को कम करने में फसलों का विविधीकरण अर्थात उद्यानिकी, मत्स्य एवं पशुपालन गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिये किसानों को प्रेरित करें। उन्होंने किसान चौपालों के जरिए फसल विविधीकरण से होने वाले फायदों की जानकारी किसानों तक पहुँचाने के निर्देश भी दिए।
कलेक्ट्रेट कार्यालय में हुई बैठक में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी  आशीष तिवारी ने कहा कि जिले में इस साल फसल विविधीकरण के लिये चिन्हित किए गए कृषकों को विभागीय योजनाओं के अंतर्गत उद्यानिकी, मत्स्य एवं पशुपालन की योजनाओं के अंतर्गत लाभान्वित कराना सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा आलू अनुसंधान केन्द्र में उत्पादित बीज को राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत गठित समूहों को उपलब्ध कराकर उसे कोल्ड स्टोर में रखवाया जाए, जिससे किसानों को वाजिब दाम पर आलू का उत्कृष्ट बीज मिल सके।
बैठक में कृषि विज्ञान केन्द्र के प्रमुख वैज्ञानिक डॉ. राज सिंह कुशवाह ने जिले के  विकास खण्ड मुरार व घाटीगांव में फेलोमस्टर्ड क्षेत्र में उडद, मूँग, ज्वार, बाजरा की फसले लगाये जाने का सुझाव दिया। साथ ही कहा कि फसलों के विविधीकरण के अंतर्गत उद्यानिकी फसलों में फलदार पौधे जैसे सीताफल, सहजन, आंवला, बेर आदि को खेतों की मेड़ों पर लगाने के लिये विशेष तौर पर प्रेरित करें। फसल विविधीकरण के जरिए सब्जी उत्पादन का क्षेत्र विस्तार किया जा सकता है।
उप संचालक कृषि विकास एवं किसान कल्याण  एम के शर्मा ने बैठक में जानकारी दी कि जिले में इस साल अब तक 540 कृषकों को कृषि विकास एवं किसान कल्याण विभाग द्वारा फसल विविधीकरण एवं प्राकृतिक खेती के लिये चिन्हित किया जा चुका है। अन्य किसानों को भी फसल विविधीकरण अपनाने के लिए प्रेरित करने का काम जारी है।
12 मई से 20 जून तक आयोजित होंगीं किसान चौपाल
जिले के विभिन्न ग्रामों में 12 मई से 20 जून तक किसान चौपालें आयोजित की जायेंगीं। जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी  आशीष तिवारी ने उप संचालक कृषि को निर्देश दिए कि किसान चौपालों में फसल विविधीकरण पर विशेष फोकस रखें।
इसी प्रकार मत्स्य पालन अंतर्गत पंगेसियस, छींगा पालन धान सह मछली, सिंघाडा सह मछली आदि कार्यों के लिए कृषकों को जागरूक करने के निर्देश दिये गये। साथ ही खेत तालाबों में मछली पालन कराने के लिए सहायक संचालक उद्यानिकी को निर्देशित किया गया।

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