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स्टेशन बजरिया ट्रेफिक लोड रेलवे कालोनी से निकालें , बजरिया की दुकानें न हटायें

10-Oct-21 122
Sandhyadesh


ग्वालियर। मध्यप्रदेश हाउसिंग बोर्ड (मप्र गृह निर्माण मंडल) का ग्वालियर चंबल संभाग के सबसे बेहतर मार्केट स्टेशन बजरिया को हटाने के लिये कुछ रेलवे अधिकारी साजिश कर रहे हैं। यदि यह मार्केट हटा तो आम लोग रेल यात्री जरूरत के सामान को तरस जायेंगे। जबकि हाउसिंग बोर्ड ने स्टेशन बजरिया मार्केट को रेलवे अधिकारियों की डिमांड पर ही रेल यात्रियों की सुविधा के लिये डव्लप किया था।
ज्ञातव्य है कि स्टेशन बजरिया मार्केट मप्र हाउसिंग बोर्ड ने १९७६ में बनाया था, उस समय यहां छोटी छोटी गुमटियां टाइप दुकानें होती थी, तब तत्कालीन मंडल रेल प्रबंधक व तत्कालीन मध्य रेलवे महाप्रबंधक मुंबई के आग्रह पर ही तत्कालीन लोक निर्माण मंत्री राजेन्द्र सिंह ने इसकी पहल कर इसका निर्माण करवाया था। स्टेशन बजरिया नवनिर्मित मार्केट का उदघाटन भी १९७६ में पूर्व मंत्री राजेन्द्र सिंह ने किया था। ७२ दुकानों से सुसजिजत यह स्टेशन बजरिया मार्केट ग्वालियर की शान है और यहां प्रतिदिन जरूरी आवश्यकताओं से लेकर हर प्रकार का सामान मिल जाता है। बजरिया मार्केट के ऊपर इंडिया होटल (इंडियन काफी हाउस ग्रुप) और सफारी होटल बना है जहां जरूरत पर रेल यात्री कम कीमत पर रूक भी जाते हैं।
अब स्टेशन बजरिया के इस मार्केट को विकास के नाम पर हटाये जाने की प्लानिंग चल रही है, जबकि हाउसिंग बोर्ड ने स्पष्ट कह दिया है कि वह मार्केट हटाये जाने के पक्ष में नहीं है। स्टेशन बजरिया की सडक़ का चौडीकरण व सुगम रूप से ट्रेफिक निकालने के लिये रेलवे कालोनी की अंदर की सडक का इस्तेमाल कर केसर बाग के पास से सडक़ निकाली जा सकती है। इसके लिये तत्कालीन महापौर विवेक शेजवलकर और तत्कालीन निगम आयुक्त के समक्ष विकास की आयोजित बैठक में तर्क भी रखे गये थे कि बिना मार्केट हटाये स्टेशन का ट्रेफिक स्टेशन परिक्षेत्र की अंदर की सडक़ से निकाला जा सकता है।
अब इस संदर्भ में स्टेशन बजरिया के दुकानदारों के सामने रोजी रोटी का संकट खडा हो रहा है। वर्षो से वैध दुकानें लिये दुकानदार परेशान हैं कि अब वह अपने परिवार का पेट कैसे पालेंगे और कहां दुकानें खोलेंगे।

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