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ताका-झांकी

योग्य को ही बनायें ईएसआई संचालक ,भामसं अड़ा

01-Aug-21 473
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इंदौर/भोपाल। भारतीय मजदूर संघ इंदौर ने कर्मचारी राज्य बीमा सेवायें इंदौर के संचालक पद को लेकर मैदान खोल दिया है और योग्य व पात्रता मापदंड पूरा करने वाले चिकित्सक को ही संचालक पद सौंपे जाने की मांग मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान , श्रम मंत्री बृजेन्दप्रताप सिंह से की है। भारतीय मजदूर संघ इंदौर जिलाध्यक्ष राजेश धवन ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर कहा है कि कुछ अधिकारियों द्वारा एक ऐसे कनिष्ठ अनुभवहीन चिकित्सक को संचालक बनाये जाने की साजिश की जा रही है, जिससे अपनी नौकरी के १७ वर्ष डेपुटेशन पर बिताये है और अब संचालक बनने के लिये वापस विभाग में आ गये हैं। भारतीय मजदूर संघ के जिलाध्यक्ष ने कहा है कि ऐसे अनुभवहीन के पदस्थ होने से कर्मचारी राज्य बीमा सेवायें की व्यवस्था व मैनेजमेंट ठप्प हो जायेगा और प्रदेश भर में श्रमिक वर्ग परेशान होगा।
ज्ञातव्य है कि मध्यप्रदेश में इंदौर स्थित कर्मचारी राज्य बीमा सेवाओं के संचालक डॉ. बीएल बंगेरिया बीती ३१ जुलाई को सेवानिवृत हो गये हैं, और अब संचालक पद खाली हो गया है, उसके लिये वरिष्ठ सर्जन और उनसे जूनियर इंदौर के डॉ. नटवर शारदा सहित दो अन्य नाम पैनल में हैं। लेकिन आपसी सांठगांठ कर एक लॉबी कर्मचारी राज्य बीमा सेवायें से १७ वर्ष बाहर रहकर नगर निगम में काम करने वाले डॉ. नटवर शारदा की पैरवी कर रही है ताकि निजी हित साधे जा सकें।
जबकि डॉ. शारदा पिछले वर्ष ही प्रतिनियुक्ति से नगर निगम से वापस आये हैं, वह भी संचालक पद की भनक लगने के बाद। उससे पहले विभाग ने कई बार कोशिश भी उन्हें वापस बुलाने की , लेकिन वह  (डॉ. शारदा)अपने मूल विभाग में वापस लौटे ही नहीं । जस कारण तत्कालीन श्रम मंत्री महेन्द्र सिह सिसोदिया से लेकर संचालक डॉ. बीएल बंगेरिया तक ने इस पर नाराजगी जताई थी।
विशेष बात यह है कि पैनल में बीमा चिकित्सालय के कई ऐसे चिकित्सक भी हैं जो पैनल में सबसे योग्य, उपयुक्त कर्मचारी राज्य बीमा सेवाओं के प्रति निष्ठावान व समर्पित हैं, उन्हें मध्यप्रदेश सरकार के अनेक अवार्ड व प्रशस्ति पत्र मिल चुके हैं और कई विभाग के सबसे प्रमुख सर्जन भी हैं, लेकिन उनकी योग्यता को दरकिनार कर ऐसे चिकित्सक की ताजपोशी की जाने की तैयारी है, जो अपने मूल पदस्थापना विभाग ईएसआई हास्पीटल में रहा ही नहीं है।
अब इसी मुददे को लेकर भारतीय मजदूर संघ सहित इंदौर के कई  भाजपा नेताओं ने भी डॉ. नटवर शारदा को लेकर मुख्यमंत्री व श्रम मंत्री को पत्र लिखे हैं, ताकि उनकी जगह संचालक पद पर किसी योग्य चिकित्सक की पदस्थापना हो सके। डॉ. शारदा पर न्यायालीन प्रकरण भी लंबित है। 

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