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क्या यूपी में उपयोग होगा बजरंगी दादा का ....?

04-Jul-21 925
Sandhyadesh

भाजपा में भविष्य में अंचल और प्रदेश में बजरंगी दादा को फिर कोई बडा बजूद मिल सकता है। जिस हिसाब से बजरंगी दादा के यहां भाजपा के दिग्गज नेताओं ने आवा-जाही की है और स्वयं ज्योतिरादित्य सिंधिया उनके यहां पहली बार पहुंचे हैं, उससे राजनैतिक प्रेक्षक यह अनुमान लगा रहे हैं कि बजरंगी दादा के राजनैतिक सितारे इन दिनों उफान पर हैं। इससे पूर्व केन्द्रीय मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर व भाजपा राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय भी उनके यहां पहुंच चुके हैं।
हालांकि बजरंगी दादा इन दिनों महाराष्ट्र में भाजपा के सह प्रभारी के रूप में अपना झंडा बुलंद किये हुये हैं और उन्होंने वहां पार्टी जनों में नई जान भी फूंकी है। वहां बिखरे पडे कार्यकर्ता बजरंगी दादा के नेतृत्व में एकजुट हुये हैं।
लेकिन बजरंगी दादा का क्रेज उत्तर भारत में राममंदिर आंदोलन के कारण सर्वाधिक है, अभी बजरंगी दादा को देखने सुनने के लिये भारी भीड भी जमा होती है। इसीलिये ऐसी संभावना बन रही है कि बजरंगी दादा को अब उत्तर प्रदेश चुनावों के लिये लगाया जायेगा। ताकि वह ज्यादा से ज्यादा मतदाताओं का रूझान पार्टी की ओर कर सकें। पार्टी का ऐसा सोच है कि यूपी में अखिलेश यादव की सपा और मायावती की बसपा शैली की काट के लिये बजरंगी दादा रामवाण हो सकते हैं। 

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