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ताका-झांकी

राहत: पडाव ट्रेफिक बत्ती बंद, ट्रेफिक आसानी से निकल रहा, भिखारी गायब

13-Apr-21 309
Sandhyadesh

विनय अग्रवाल 
ग्वालियर। पडाव चौराहे की आईटीएमएस ट्रेफिक लाइट सिग्रल बंद होते ही चौराहे की जैबरा क्रासिंग और स्टॉप लाइन पर कब्जा जमाये भिखारी गायब हो गये हैं। इसके साथ ही ट्रेफिक लाइट बंद होने से यहां लगने वाले वाहनों की लाइनें भी खत्म हो गई है, और ट्रेफिक आसानी से निकल रहा है। 
पडाव चौराहे पर स्मार्ट सिटी डव्ल्पमेंट कारपोरेशन की ओर से लगाई गई आईटीएमएस लाइटों से पिछले काफी दिनों से वाहन चालक बेहद परेशान थे । यहां रेड, येलो और ग्रीन बत्ती का समय सही सेट नहीं था, जिससे ट्रेफिक की लंबी-लंबी लाइनें लग रही थी, और आम लोग बेहद परेशान थे। 
ट्रेफिक लाइटों के कारण पडाव चौराहे पर एक दर्जन से अधिक भिखारियों ने भी कब्जा कर लिया था और रूकने वाले वाहन चालकों से जबरदस्ती दादागिरी से भीख मांग कर उन्हें परेशान कर रहे थे, यही नहीं एक थर्ड जेंडर ने भी यहां वाहन चालकों को बुरी तरह बेज्जत कर वसूली का धंधा बना लिया था। पिछले दिनों रेंज के आईजी अविनाश शर्मा ने इन ट्रेफिक लाइटों पर सवाल खडे किये थे। उसके बाद पिछले १०-१५ दिन से ट्रेफिक लाइट बंद हैं। 
टेक्नोसेस की लूट बंद 
ट्रेफिक लाइटों की आड़ में यहां रूकने वाले व नियम फॉलो करने वाले वाहन चालकों के भी चालान स्मार्ट सिटी की ओर से ठेका लेने वाली टेक्नोसेस कंपनी द्वारा यातायात पुलिस के नाम से काटकर सरे आम उगाही की जा रही थी। 
विशेष बात यह थी कि जो वाहन चालक उर्जा मंत्री प्रद्युम्र सिंह तोमर के विधानसभा क्षेत्र की तरफ से तानसेन रोड लोको होकर पडाव आ रहे थे, केवल उन्हीं के चालान काटे जा रहे थे, वह भी ट्रेफिक बत्ती नियमों का पालन करने वाले वाहनों के। उन्हें टेक्नोसेसकंपनी जेबरा क्रासिंग व स्टॉप लाइन पर कैमरे में खडा दिखाकर ई चालान भेज देती थी, और जो वहां सीधे रेड बत्ती जंप करते जा रहे थे उनका चालान नहीं बनाया जाता था। 
जिस कारण आम लोगों में आक्रोश पनप रहा था । स्टेशन, सिंधिया कन्या विद्यालय, फूलबाग की तरफ से आने वाले वाहन चालकों का ई चालान नहीं बनाया जाता था, क्योंकि यहां आईटीएमएस के कैमरे ही नहीं लगे हैं। 
क्या उर्जा मंत्री की छवि खराब करने की साजिश 
सूत्रों के मुताबिक टेक्नोसेस कंपनी जानबूझकर उर्जा मंत्री के क्षेत्र से आने वाले वाहन चालकों के चालान बनाकर उनकी छवि खराब करने की कोशिश में लगी थी। जबकि उर्जा मंत्री प्रद्युम्र सिंह तोमर अपने क्षेत्र में सेवा कार्यो के लिये विख्यात हैं।
पत्रकारों से भी वसूली 
स्मार्ट सिटी डव्ल्पमेंट कारपोरेशन व यातायात पुलिस के नाम पर टेक्नोसेस कंपनी पत्रकारों के भी चालान भेजकर उन्हें भी परेशान कर रही है। जबकि कोविड -१९ व विभिन्न घटनाओं में त्वरित कवरेज पर जाने वाले प्रिंट एवं इलेक्ट्रोनिक मीडिया के पत्रकारों सहित कैमरामैनों को अपने काम की वजह से जल्दी घटनास्थल या कवरेज स्थल पर पहुंचना होता है। इसी बात को देखकर आईटीएमएस के चालान भेजकर उनसे भी ५००-५०० रूपये की वसूली की जा रही है। बीते दिवस कवरेज पर जाती एक महिला पत्रकार का भी चालान काटकर भेज दिया गया। जब उसने फोन लगाकर बात की तो टेक्नोसेस कंपनी के कारिंदों ने अपने आपको उसे भी यातायात थाने का पुलिस कर्मी बताया जबकि वह कमांड कंट्रोल सेंटर से मात्र ऑपरेटर की हैसियत से कार्यरत थे। 

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