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ताका-झांकी

विधायक डाॅ. सिकरवार ने मनाई महात्मा ज्योतिराव फुले की जयंती ,251 बुर्जुगों का किया सम्मान

11-Apr-21 75
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ग्वालियर। ग्वालियर पूर्व से विधायक डाॅ. सतीश सिकरवार ने आज ललितपुर काॅलोनी कार्यालय पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं के साथ महात्मा ज्योतिराव फुले जी के छायाचित्र पर पुष्‍पहार पहनाकर एवं पुष्‍प अर्पित कर जयंती मनाई। विधायक डाॅ. सिकरवार ने समाज के 251 प्रतिष्‍ठित बुर्जुगों का सम्मान शॉल-श्रीफल भेंट कर एवं पुष्‍पहार पहनाकर किया। इस अवसर पर मुख्य रूप से पूर्व नेता प्रतिपक्ष कृष्णराव दीक्षित, पवन जैन, प्रमोद जैन, अवधेश कौरव आदि मंचासीन रहे। कार्यक्रम में विधायक डाॅ. सिकरवार ने कहा कि महाराष्‍ट्र की भूमि वीरों एवं संतो की भूमि रही है। साथ ही यहां पर ऐसे महामानव भी हुए हैं, जिन्होंने अनेक यातनाएं सहकर भी सामाजिक सुधार सबंधी कार्य किये हैं। ऐसे महान व्यक्तियों में से एक थे महात्मा ज्योतिराव फुले। महात्मा ज्योतिराव फुले का जन्म आज ही के दिन 11 अप्रैल सन् 1827 में पुणे महाराष्‍ट्र के माली परिवार में हुआ था। समाज के इस पिछडे़ एवं दलित समझे जाने वाले परिवार में जन्मे ज्योतिराव फुले मानव एवं मानव के बीच होने वाले अंतर को देखकर अंत्यत दुखी होते थे। विधायक डाॅ. सिकरवार ने कहा कि ज्योतिराव फुले यह जानते थे कि देश व समाज की वास्तविक उन्नति तब तक नहीं हो सकती, जब तक देश का बच्चा-बच्चा जात-पात के बंधनों से मुक्त नहीं हो पाता, साथ ही देश की नारियां समाज के प्रत्येक क्षेत्र में समान अधिकार नहीं पा लेती। उन्होने तत्कालीन समय में भारतीय नवयुवकों का आव्हान किया कि वे देश, समाज, संस्कृति को सामाजिक बुराईयों तथा अशिक्षा से मुक्त करें और एक स्वस्थ, सुन्दर समाज का निर्माण करें। मनुष्‍य के लिये समाज सेवा से बढ़कर कोई धर्म नहीं है और इससे अच्छी ईश्‍वर सेवा कोई नहीं।

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