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Sandhyadesh

आज की खबर

लॉक डाउन में बिजली अधिकारियों ने मध्यम वर्ग के साथ किया छलावा

04-Jun-20 83
Sandhyadesh

मध्यप्रदेश सरकार ने जहां बिजली बिलों में संबल योजना में छूट देकर गरीब वर्ग को तो तोहफा दे दिया है लेकिन अफसरशाही सरकार ने मध्यम वर्ग के साथ छलावा कर हजारों रूपये के बिजली बिल उनपर थोप दिये हैं। ऐसे में लॉक डाउन से कमर टूटी मध्यम वर्ग के लोग बिजली बिलों की मार को झेलने को मजबूर हैं। और वह बिजली विभाग के अधिकारियों को कोस रहे हैं। 
प्राप्त जानकारी के अनुसार मध्यप्रदेश सरकार ने संबल योजना के तहत गरीब वर्ग को बिजली बिलों में छूट प्रदान की है। लेकिन ऐसी भीषण गर्मी में गरीबों को इसका लाभ मिल सके यह मुश्किल प्रतीत होता है। इस समय भीषण गर्मी में एक पंखा और एक बल्ब का बिल सौ रूपये से अधिक का ही आयेगा ऐसे में गरीब वर्ग के साथ भी अधिकारियों ने छलावा किया है। वहीं अधिकारियों ने तीन स्लैब तैयार किये हैं। जो गरीबों के साथ भी मजाक कर रहे हैं। उधर लॉक डाउन की मार झेल रहा मध्यम वर्ग के यहां गर्मी में कूलर पंखा चल रहा है इसका बिल लगभग पांच सौ रूपये से ऊपर ही आता है। वहीं अधिकारियों ने गत वर्ष अप्रैल के बिल के हिसाब से बिलों को भेज दिया है जो मध्यम वर्ग के साथ अन्याय है। क्योंकि गत वर्ष गर्मी अप्रैल माह में ज्यादा पडी थी और उसके हिसाब से बिल भी अधिक आया था। इस वर्ष अभी तक गर्मी गत वर्ष की अपेक्षा कृत कम है ऐसे में बिजली का बिल पिछले वर्ष की तरह देना मध्यम वर्ग के साथ कोरोना संकट के समय अन्याय है। 
इस मामले में बिजली विशेषज्ञ का भी मानना है कि अधिकारियों ने जो स्लैब तैयार किया है इससे ना तो गरीब वर्ग को ही लाभ मिलेगा और मध्यम वर्ग का तो गर्त में जाना तय है। उन्हें अधिक राशि ही देना पडेगी हां वह उसे दो तीन भागों में विभक्त कर जरूर दे सकता है। सरकार के इस निर्णय से मध्यम वर्ग की कमर तोडकर रख दी है। ऐसे में वह सरकार को भला बुरा कहने से भी नहीं चूक रहा है। इतना ही नहीं अभी मप्र ग्वालियर चंबल संभाग में १६ विधानसभा की सीटों पर उप चुनाव होने हैं। ऐसे में बिजली बिल में भी राहत नहीं मिलने से लोग नाराज है और सरकार में बैठे अधिकारियों को यह बात समझ में नहीं आ रही है। देखना है कि क्या अब बिजली बिल में मध्यम वर्ग को भी सरकार कोई राहत पैकेज का एलान करेगी या फिर यूं ही उप चुनाव में जायेगी इसका इंतजार रहेगा। 

2020-07-12