BREAKING!
  • शहीद ज्योति यात्रा व 61 चौराहे पर दीपदान के साथ आज शुरू होगा बलिदान मेला
  • कोविड टीकाकरण के साथ आम जनों को शासन की योजनाओं का लाभ भी समय पर मिले :कलेक्टर
  • जिला पंचायत के सीईओ कान्याल ने बैठक लेकर की तैयारियों की समीक्षा
  • महाराष्ट्रः बस सेवा स्थगित करना परिवहन विभाग का सराहनीय फैसला
  • बरौनी - गोंदिया ट्रेन रुट परिवर्तन पर सांसद ने जताई आपत्ति
  • यूपी, राजस्थान, छत्तीसगढ़ के बीच बस सेवा 16 से; महाराष्ट्र के लिये रोक
  • सुशांत सिंह अध्याय
  • विक्टोरिया मार्किट के दुकानदारों की अस्थाई दुकानों को स्थाई बनाया जाए
  • डीआरडीई झांसी रोड की मेन लेब की बाउण्ड्रीवाल से 50 मीटर की दूरी तय की जाए : एमपीसीसीआई
  • जनता को राहत दिलाओ, बिजली के दाम मत बढ़ाओ: डॉ. देवेन्द्र शर्मा

Sandhyadesh

ताका-झांकी

लॉक डाउन में महाराज का नया रूप,समर्थकों में जोश भर गया

04-Jun-20 5001
Sandhyadesh

विनय अग्रवाल
ग्वालियर। कोविड-19 के कहर में पूर्व केन्द्रीय मंत्री और भाजपा नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया का नया रूप देखने को मिला। महाराज यानि सिंधिया जी ने इस दौरान अपने समर्थकों व खास लोगों को लगातार सेवा अभियान चलाने के लिये उत्साहित किया, वहीं सेवा अभियान से जुडे कार्यकर्ताओं से भी मोबाइल पर सीधा संवाद किया। 
उनका फोन जब कार्यकर्ताओं पर आया तो कार्यकर्ताओं को सहसा विश्वास ही नहीं हुआ कि महाराज का फोन है। महाराज ने कार्यकर्ताओं से कहा कि आप हैरान न हों मैं ज्योतिरादित्य बोल रहा हूं, आप कैसे हैं परिवार के लोग कैसे हैं के साथ सबकी कुशलक्षेम पूछी । महाराज के फोन से कार्यकर्ताओं का जोश चौगुना हो गया। वह शहर भर में अपने समर्थकों को बताते हुये घूमे भी कि महाराज ने उनसे बात की। 
वैसे सिंधिया जी लॉक डाउन अवधि में ग्वालियर तो नहीं आये, लेकिन उन्होंने कार्यकर्ताओं से क्षेत्र विशेष का भी नाम लेकर गरीबों में खाद्यान्न सामग्री व खाना बांटने के लिये नियमित जुट जाने का आव्हान किया। महाराज के फोन से अति उत्साहित कार्यकर्ताओं ने इसके बाद न तो दिन देखा और न रात, बस जुट गये सेवा कार्य में। 
एक कार्यकर्ता सत्येन्द्र शर्मा ने तो लगातार ७१ दिन से भूखों को और प्रवासी लोगों को भोजन बांटने की मुहिम ही चला रखी है। स्वयं महाराज ने उनसे तो बात की , बल्कि उनके साथ सेवा कार्य में लगे अन्य साथियों से बात कर उनकी भी हौसला अफजाई की। 
वैसे महाराज का यह रूप निराला ही है, इससे भाजपा के उन बडे नेताओं को भी कुछ सीख लेना चाहिये जो अपने ही खास कार्यकर्ताओं सहित अंचल के लोगों से दूरियां बनाये हुये हैं। 

Popular Posts