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Sandhyadesh

आज की खबर

नन्हीं बच्ची और 350 किलोमीटर का सफर देख निगम कमिश्रर माकिन रो पडे

31-Mar-20 301
Sandhyadesh

1000 जोडी चप्पलें मंगाकर बंटवाई, रहने -खाने की व्यवस्था भी की 
(विनय अग्रवाल)
ग्वालियर। महज पांच साल की बच्ची और दिल्ली से साढे तीन सौ किलोमीटर पैदल चलकर अपने मां-बाप के साथ नंगे पैर चलकर ग्वालियर पहुंची , तो उसके पैरों में छाले पड गये थे, घाव हो गये थे और उसमें खूंन निकल रहा था। यह सब कोरोना संक्रमण से शहर बचाव में लगे निगम कमिश्रर संदीप माकिन ने देखा , तो उनकी आंखों से आंसू निकल पडे, उनकी अंतरात्मा रो पडी। उन्होंने तुरंत उस बच्ची को गोद में उठाया और उसे दुलार किया। 
यह सब निगम कमिश्रर संदीप माकिन ने जब इस संवाददाता को कहानी सुनाई तो आंखों में आंसू टपक पडे। विषम परिस्थिति है गरीब मजदूर अपने परिवारों सहित पलायन कर रहे हैं, दिल्ली और आस-पास के क्षेत्रों में उनके काम के स्थानों से उन्हें भगा दिया गया है। रहने का कोई ठिकाना नहीं , खाने को रोटी नहीं, पीने को पानी नहीं तो मजदूर परिवार दिल्ली जैसे मंहगे शहरों में रहकर क्या करें, वहां भूखे रहकर आने से तो अच्छा है वह अपने शहरों में जायें। 
जाने के लिये कोई साधन ही नहीं , तो यह सैकडों हजारों लोग पैदल ही अपने घर तक पहुंचने की कवायद में लग गये हैं। बीते दिवस दिल्ली , हरियाणा से लंबी पैदल यात्रा कर आ रहे ऐसे लोगों को जब निगम कमिश्रर माकिन ने देखा तो उनसे रहा नहीं गया। उन्होंने तत्काल ऐसे परिवारों के रूकने, भोजन व उनके स्वास्थ्य परीक्षण की व्यवस्था की। जिस बच्ची के पैर से खून वह रहा था उन्होने उसके पैर साफ कर दवाई लगवाई और पटटी बंधवाई। अब कहानी यहां मोड़ लेती है यहां नंगे पैर ही आ रहे गरीब लोगों को देखकर निगम कमिश्रर माकिन ने एक हजार जोडी चप्पलें विभिन्न साइजों की बाजार से मंगवाई और उनके बंटवाने की व्यवस्था की। 
ज्ञातव्य है कि कोरोना वायरस के संक्रमण के संकट के चलते अपने-अपने घरों को जाने को मजबूर मजदूर एवं महिलाएं व उनके बच्चे नंगे पैर ही कई कई किलोमीटर की यात्रा कर रहे हैं उनकी पीड़ा को देखते हुए नगर निगम आयुक्त  संदीप माकिन की पहल पर लगभग 1000 जोड़ी चप्पल इन मजदूरों के बीच बटवाई जा रही है। 
यह संकट देश के लिए बहुत ही बड़ा संकट है तथा हर कोई व्यक्ति इस संकट से निपटने के लिए अपने स्तर पर प्रयास कर रहा है तथा लोग एक दूसरे की मदद कर उन्हें संकट से बचाना चाह रहे हैं ए इसी के साथ ही शहरों से कई मजदूर एवं उनके परिवार अपने गांव वह घर की ओर जाने के लिए मजबूर है तथा कई मजदूर व परिवार तो ऐसे हैं जिनके पास चप्पल भी नहीं है वह नंगे पैर ही यात्रा कर रहे हैं। 
मजदूरों व उनके परिवार जनों की इस पीड़ा को महसूस करते हुए नगर निगम आयुक्त संदीप माकिन के भी व्यथित हुए हैं और उन्होंने शहर के कुछ ठोक चप्पल विक्रेताओं से बात कर लगभग 1000 जोड़ी चप्पल मंगवाए हैं , यह चप्पल नगर निगम एवं जिला प्रशासन द्वारा बनाए गए शेल्टर होम जहां मजदूरों को भोजन आदि की व्यवस्था की जा रही है । मालवा कॉलेज झांसी रोड , माउंट लिट्रा स्कूल निरावली एवं वेदांता कॉलेज में आने वाले ऐसे मजदूरों व महिलाओं बच्चों को जिनके पैर में चप्पल नहीं है चप्पल वितरित की जा रही हैं। 

इनका कहना है
दिल्ली और हरियाणा की तरफ से आ रहे लोगों का हम पूरा सहयोग कर रहे हैं। उनके रहने ,भोजन , चिकित्सा आदि की व्यवस्था हाइवे पर ही कर दी गई है। 

संदीप माकिन 
निगमायुक्त 

2020-06-03