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Sandhyadesh

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कोरोना संकट में अभी क्या विश्वस्त सहयोगी बनेंगे मंत्री ....?

31-Mar-20 822
Sandhyadesh

विनय अग्रवाल 
भोपाल । वैश्विक आपदा कोरोना संक्रमण के चलते मध्यप्रदेश में शिवराज मंत्रीमंडल का गठन नहीं हो पा रहा है, कमलनाथ सरकार को गिराने में महत्वपूर्ण भूमिका अदा करने वाले भाजपा नेता पूर्व मंत्री बीते एक सप्ताह से राजभवन से अपने बुलावे का इंतजार कर रहे हैं। लेकिन अब पूरे एक पखबाडा तक कोरोना के चलते पूरा मंत्रीमंडल का गठन होना मुश्किल लग रहा है। 
हालांकि कुछ भाजपा के बडे नेताओं व संघ के सूत्रों का सुझाव है कि कोरोना के चलते सरकार का कामकाज और तेजी से चलाने के लिये भले ही मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान अपने मंत्रीमंडल का गठन अभी न करें, लेकिन वह आधा दर्जन विश्वस्त एक्टिव सहयोगियों को सादगी भरे माहौल में राजभवन में शपथ दिलवा दें, ताकि कोरोना आपदा को एक टीम भावना के साथ अच्छी तरह नियंत्रित किया जा सके। 
मुख्यमंत्री चौहान कोरोना आपदा के चलते सरकार में अकेले हैं इसीलिये उन्हें अपने विश्वस्त सहयोगियों की ऐसे समय अत्यंत जरूरत है जो प्रदेश के विभिन्न हालातों पर नजर रखें और जरूरत पडने पर जा आ भी सकें, वहीं प्रशासनिक व स्वास्थ्य अधिकारियों से तालमेल कर व्यवस्थाएं जुटा सकें। 
इसी कारण अब ऐसी संभावना बन सकती है कि मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के सबसे सक्रिय व सहयोगी आधा-दर्जन पूर्व मंत्रियों को लेकर मंत्रीमंडल गठन कर लिया जाये। इनमें पूर्व मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा से लेकर भूपेन्द्र सिंह, राजेन्द्र शुक्ला, अजय विश्रोई, कमल पटेल, यशोधरा राजे व गोपाल भार्गव आदि हो सकते हैं। 
अब सारी गेंद मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान व आलाकमान के पाले में है। हालांकि प्रदेश अध्यक्ष बीडी शर्मा की भी इसमें प्रमुख भूमिका रह सकती है। कुल मिलाकर जो भाजपा के नेता व पूर्व मंत्री सरकार के संकटमोचक कहलाये जाते थे , वह अब ऐसे समय में खाली हाथ बैठे हैं। 
वैसे भी आपको याद होगा कि पुखरायां उत्तर प्रदेश की बडी रेल दुर्घटना में तत्कालीन शिवराज सरकार के ही संकट मोचक डॉ. नरोत्तम मिश्रा ने कानपुर जाकर मोर्चा संम्हाला था, जिसकी देशभर में सराहना भी हुई थी। 

2020-06-03