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Sandhyadesh

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अनूठे प्रभात झा, सांसद निधि का ब्यौरा देने की परंपरा शुरू की

24-Mar-20 208
Sandhyadesh

ग्वालियर। मध्यप्रदेश से दो बार राज्यसभा सांसद रहे भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष प्रभात झा अपनी शुचिता, कर्मठता और बेबाक व साफ सुथरी छवि के लिए जाने जाते है। वह इकलौते ऐसे सांसद रहे जिन्होंने सांसद निधि के खर्चें का ब्यौरा देने की अनूठी परंपरा की शुरूआत की। उनको देखते हुये इसके बाद भारत के कई सांसदों ने भी अपना सांसद निधि खर्चा जगजाहिर किया।
प्रभात झा भले ही अब आगे से राज्यसभा में नजर नहीं आये। परंतु उनकी कमी जहां राज्यसभा मेम्बरों को खलेगी वही मध्यप्रदेश की जनता को भी। प्रभात झा अपनी बात को बड़े ही बेबाक तरीके से संसद में रखने के लिए जाने जाते है। उन्होंने मध्यप्रदेश के लोगों के हितों के मुददों को भी बड़े ही मार्मिक तरीके से समय-समय पर उठाया। उनका दो टर्म का राज्यसभा कार्यकाल तमाम उपलब्धियों से भरा रहा है। इस बीच उन्होंने मध्यप्रदेश भाजपा के अध्यक्ष की बागडोर भी सम्हाली थी। उन्होंने सांसद और प्रदेश संगठन प्रमुख की जिम्मेदारी के दोहरे जिम्मे को भी बड़ी कुशलता से निभाया। प्रभात झा की एक अनुभवी सांसद के रूप में भी पहचान रही। उन्हें संसद की सभी कार्यवाहियों व नियमों का अच्छा व गहरा अध्ययन होने का भी बहुत अनुभव है। नये नवेले सांसद उनसे संसद की बारीकियों का ज्ञान भी समय-समय पर लेते थे। प्रभात जी भी उन्हें खुले दिल से हर बारीकियों से समझाते थे। 
प्रभात झा ने ही सांसद निधि के खर्चें का ब्यौरा देश के सामने रखने की परंपरा की शुरूआत की थी। इसके पीछे उनका पक्ष रहा कि जनता को पता होना चाहिए की उनका प्रतिनिधि अपनी निधि को कहां खर्च कर रहा है, क्योंकि निधि जनता के हित के लिए मिलती है उसे उन्हीं के लिए खर्च करना प्रतिनिधि का फर्ज है और फिर उसका जनता को हिसाब देने प्रतिनिधि का दायित्व बनता है। ऐसे सांसद रहे प्रभात झा को राज्यसभा ने भी फेयरवेल के दिन अपनी बात रखने का पूरा अवसर दिया। उनकी बातों को सभी ने ध्यान से सुन मेज बजाकर भावुक विदाई दी। वहीं प्रभात झा ने भी सभी का खुले दिल से आभार व्यक्त किया। 

2020-03-31aaj