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Sandhyadesh

ताका-झांकी

दो पाटों के बीच पिसते भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारी

01-Aug-19 474
Sandhyadesh


ग्वालियर में विकास कार्यों के श्रेय को लेकर गत दिनों आरओबी पर जो हंगामा हुआ उसे तथा अन्य विकास कार्यों को लेकर अब जिला प्रशासन के अधिकारी दो पाटों में फंस कर पिस रहे हैं। भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारी वैसे तो केन्द्र के अधीन रहते हैं , लेकिन राज्य में वह मुख्यमंत्री के अधीन रहते हैं इसी के चलते वह मंत्रियों की सुनते हैं और कांग्रेस के मंत्री उनपर अवैध दबाब डालकर उन्हें अपने तरीके से काम करवाने के लिए प्रेरित कर रहे हैं। 
हाल ही में मध्यप्रदेश में राज्य में भाजपा की सरकार जाने और कांग्रेस की आने के बाद से जिला प्रशासन के अधिकारी परेशान हो गये हैं। पहले तो मुख्यमंत्री द्वारा लगातार तबादले कर भारतीय प्रशासन सेवा के  अधिकारियों को इधर से उधर किया गया। इसके बाद से भाजपा के शासन में शुरू कराये गये कार्य जो सरकार के बदलने के बाद कांग्रेस के हत्थे चढ़ गये उनके लोकार्पण को लेकर मंत्रियों द्वारा लगातार दबाब बनाया जा रहा है। वहीं मंत्रियों के अनुसार नहीं चलने पर उनके तबादले की धमकी तक दी जा रही  है। इसे लेकर प्रशासन के अधिकारी परेशान हैं। और कहावत की तरह कि दो पाटों में फंस गये हैं वास्तव में दो पाटों में पिसे हैं। अधिकारी यदि राज्य के मंत्री की नहीं मानते हैं तो वह तबादले की धमकी देकर उन्हें प्रताडित कर रहे हैं और केन्द्र के मंत्री की नहीं मानते हैं तो उन्हें आगे बढने का मौका नहीं मिलेगा। अब देखना  है कि अधिकारी किस प्रकार से दोनों सरकारों के मंत्रियों के बीच में समन्वय बैठाकर कार्य करेंगे या फिर यूं ही दो पाटों में पिसते रहेंगे इसका इंतजार रहेगा। 
दरबारीलाल............................

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