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ताका-झांकी

रामसेवक श्रीवास्तव की 21वीं पुण्यतिथि पर बुंदेली कवि सम्मेलन एवं सम्मान आयोजित

23-Nov-22 44
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श्री रामसेवक बुंदेली साहित्य एवं संस्कृति परिषद के तत्वाधान में श्री रामसेवक श्रीवास्तव जी की 21वीं पुण्यतिथि पर श्रीराम कुटी श्याम विहार कॉलोनी में बुंदेली कवि सम्मेलन एवं सम्मान आयोजित हुआ सर्वप्रथम अतिथियों ने मां वीणा वादिनी एवं राम श्रीवास्तव जी के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया मां वीणा वादिनी वंदना कार्यक्रम की मुख्य अतिथि आशा पांडे जी द्वारा बुंदेली में पढ़ी गई।
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कार्यक्रम की मुख्य अतिथि आशा पांडे ने बुंदेली के सुर वीरों को याद किया -
घर- घर जनमें सूर वीर जा धरती है ।बलिदानी।
बुन्देली माटी को जग में नइयां कोनऊ सानी।
विशिष्ट अतिथि नयन श्रीवास्तव ने कहा 
है क्या चीज दिल आजमाकर तो देखें।
 क़दम दोस्ती का बड़ा कर तो देखें।। 
नहीं प्यार से कुछ बड़ा है जहां में, 
मेरी बात दिल से लगा कर तो देखें।।
परिषद अध्यक्ष श्याम श्रीवास्तव सनम ने बुंदेली में अपना व्यंग इस तरह से कहा
रऔ लरकन पै बड़ो भरोसो,
 हो गऔ चकनाचूर।
 सेवा की बिरिया जब आई लड़का हो गऔ दूर।
कार्यक्रम विशेष रूप से उपस्थित विवेक शर्मा एसडीओपी डबरा ने कहा की बुंदेली का विकास तभी संभव है, जब बुंदेली क्षेत्रों के गांव व शहरों के अंदर बुंदेली भाषा का प्रयोग चुनाव प्रचार में भी हो तभी बुंदेली का विकास संभव है।
कार्यक्रम का संचालन संयुक्त रूप से डॉक्टर लखनलाल खरे और श्याम श्रीवास्तव सनम ने किया।  रामसेवक बुंदेली साहित्य एवं संस्कृति परिषद के तत्वाधान में रामसेवक श्रीवास्तव जी की 21वीं पुण्यतिथि पर श्रीराम कुटी श्याम विहार कॉलोनी में बुंदेली कवि सम्मेलन एवं सम्मान आयोजित हुआ सर्वप्रथम अतिथियों ने मां वीणा वादिनी एवं राम श्रीवास्तव जी के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया मां वीणा वादिनी वंदना कार्यक्रम की मुख्य अतिथि आशा पांडे जी द्वारा बुंदेली में पढ़ी गई।
कार्यक्रम की मुख्य अतिथि आशा पांडे ने बुंदेली के सुर वीरों को याद किया
घर- घर जनमें सूर वीर जा धरती है ।बलिदानी।
बुन्देली माटी को जग में नइयां कोनऊ सानी।
विशिष्ट अतिथि नयन श्रीवास्तव ने कहा 
है क्या चीज दिल आजमाकर तो देखें।
 क़दम दोस्ती का बड़ा कर तो देखें।। 
नहीं प्यार से कुछ बड़ा है जहां में, 
मेरी बात दिल से लगा कर तो देखें।।
परिषद अध्यक्ष श्याम श्रीवास्तव सनम ने बुंदेली में अपना व्यंग इस तरह से कहा
रऔ लरकन पै बड़ो भरोसो,
 हो गऔ चकनाचूर।
 सेवा की बिरिया जब आई लड़का हो गऔ दूर।
कार्यक्रम विशेष रूप से उपस्थित विवेक शर्मा एसडीओपी डबरा ने कहा की बुंदेली का विकास तभी संभव है, जब बुंदेली क्षेत्रों के गांव व शहरों के अंदर बुंदेली भाषा का प्रयोग चुनाव प्रचार में भी हो तभी बुंदेली का विकास संभव है।
रामसेवक बुंदेली साहित्य एवं संस्कृति परिषद के तत्वाधान में श्री रामसेवक श्रीवास्तव जी की 21वीं पुण्यतिथि पर श्रीराम कुटी श्याम विहार कॉलोनी में बुंदेली कवि सम्मेलन एवं सम्मान आयोजित हुआ सर्वप्रथम अतिथियों ने मां वीणा वादिनी एवं श्रीराम श्रीवास्तव के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया मां वीणा वादिनी वंदना कार्यक्रम की मुख्य अतिथि आशा पांडे जी द्वारा बुंदेली में पढ़ी गई।
कार्यक्रम की मुख्य अतिथि आशा पांडे ने बुंदेली के सुर वीरों को याद किया
घर- घर जनमें सूर वीर जा धरती है ।बलिदानी।
बुन्देली माटी को जग में नइयां कोनऊ सानी।
विशिष्ट अतिथि नयन श्रीवास्तव ने कहा 
है क्या चीज दिल आजमाकर तो देखें।
 क़दम दोस्ती का बड़ा कर तो देखें।। 
नहीं प्यार से कुछ बड़ा है जहां में, 
मेरी बात दिल से लगा कर तो देखें।।
परिषद अध्यक्ष श्याम श्रीवास्तव सनम ने बुंदेली में अपना व्यंग इस तरह से कहा
रऔ लरकन पै बड़ो भरोसो,
 हो गऔ चकनाचूर।
 सेवा की बिरिया जब आई लड़का हो गऔ दूर।
कार्यक्रम विशेष रूप से उपस्थित श्री विवेक शर्मा एसडीओपी डबरा ने कहा की बुंदेली का विकास तभी संभव है, जब बुंदेली क्षेत्रों के गांव व शहरों के अंदर बुंदेली भाषा का प्रयोग चुनाव प्रचार में भी हो तभी बुंदेली का विकास संभव है।
कार्यक्रम का संचालन संयुक्त रूप से डॉक्टर लखनलाल खरे और श्याम श्रीवास्तव सनम ने किया।
बुंदेली कवि विनोद मिश्र सुरमणि दतिया ने
ऐसी है बुंदेली माटी।
 मिसरी जैसी घाटी।।
चंदन घिस कवि बन गए तुलसी अवधि संग में बाटी।।
 मीठो सीठो स्वाद वो जीने जाए चाटी।
 सुरमणि कात बचा लो जाए पुरखन की परिपाटी।।
कार्यक्रम में राकेश सोनी मुख्य टिकट निरीक्षक झांसी, विनोद मिश्र शिरोमणि दतिया, उमा शरण शर्मा दतिया और कार्यक्रम के मुख्य अतिथि आसाराम वर्मा नादान पृथ्वीपुर ने भी कविता पाठ किया।
कार्यक्रम का संचालन संयुक्त रूप से डॉक्टर लखनलाल खरे और श्याम श्रीवास्तव सनम ने किया। कार्यक्रम में भोपाल शाखा के संयोजक ओपी श्रीवास्तव, श्रीमती प्रीति श्रीवास्तव, कार्यक्रम की संरक्षक श्रीमती सुशीला श्रीवास्तव, अमन श्रीवास्तव, राजीव श्रीवास्तव, नवल सिंह चौहान, इब्राहिम खान, राजीव श्रीवास्तव, भरत श्रीवास्तव, सीताराम पंचारिया, नरेंद्र कुशवाह विशेष रूप से उपस्थित रहे

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