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ताका-झांकी

अभय से क्यों परेशान हैं बड़े नेता

14-Nov-22 51
Sandhyadesh

भाजपा के नवागत जिलाध्यक्ष अभय चौधरी को लेकर भाजपा के आजकल बड़े नेता परेशान हैं। उन्होंने भोपाल में इस बात की शिकायत भी की कि उन्हें बतलाये बिना जिलाध्यक्ष क्यों बदला गया। जबकि सूत्र बताते हैं कि अभय चौधरी भाजपा आलाकमान के अब सर्वानुमति वाले अध्यक्ष बन गये हैं। कमल माखीजानी के मुकाबले अभय चौधरी को केन्द्रीय मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर से लेकर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, प्रदेश अध्यक्ष व्हीडी शर्मा, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष प्रभात झा, पूर्व मंत्री जयभान सिंह पवैया, पूर्व मंत्री अनूप मिश्रा, राज्यमंत्री भारत सिंह की एनओसी लेकर ही संगठन ने आखिरी फैसला लिया था।
अब इक्का दुक्का बड़े नेताओं को लग रहा है कि भाजपा के जिलाध्यक्ष अभय चौधरी के चलते उनके समर्थक व कार्यकर्ता संगठन व विभिन्न निगम, मंडलों में समायोजित नहीं हो पायेंगे, इसीलिये अभय चौधरी के लिये अनिच्छा जाहिर की गई। वैसे भाजपा संगठन में यह बड़ी बात होती है कि किसी भी स्तर के टिकट के लिये जिलाध्यक्ष की अंतिम सहमति जरूरी होती है। इसी कारण अब अभय चौधरी भले ही स्वयं अपना विधानसभा टिकट दक्षिण से न ले पाये, लेकिन वह ग्वालियर सहित पूर्व, दक्षिण, ग्रामीण में नये योग्य प्रत्याशियों की बात रख सकते हैं उनके नाम भी चला सकते हैं। इस बात को समझकर प्रदेश के उर्जा मंत्री प्रघुम्न सिंह तोमर ने तो नये जिलाध्यक्ष अभय चौधरी से अपनी नजदीकियां बहुत ही बेहतर कर ली है और दोनों आजकल एक गाड़ी में भी आवाजाही करने लगे हैं। लेकिन वहीं जिलाध्यक्ष अभय चौधरी ने पूर्व मंत्री व बजरंगी दादा जयभान सिंह पवैया के घर जाकर यह स्पष्ट संदेश भी दिया है कि वह मूल भाजपाइयों के साथ हैं। वैसे भी यहां बता दें कि अभय चौधरी तीन बार पहले भी जिलाध्यक्ष रह चुके हैं वह अनुभवी है और उन्हें सबको साथ लेकर चलना आता है। 

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