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कुलपति प्रो. राव ने केन्या में दिया व्याख्यान

2017-12-07 17:24:20 21
Sandhya Desh


ग्वालियर। राजमाता विजयाराजे सिंधिया कृषि विश्वविद्यालय ग्वालियर के कुलपति प्रो. एस. कोटेश्वर राव ने 30 नवम्बर, 2017 से 01 दिसम्बर, 2017 तक इक्रीसेट द्वारा नैरोबी, केन्या में आयोजित दो दिवसीय कार्यशाला में एशिया का प्रतिनिधित्व किया। यहां उन्होंने बीज प्रणाली को बेहतर बनाने के लिए ‘‘बीज प्रणाली रणनीति विकास‘‘ पर व्याख्यान भी दिया। 
उक्त कार्यशाला में विश्व के विभिन्न देशों के बीज प्रणाली विशेषज्ञों ने भाग लिया जिसमें स्थायी बीज प्रणाली कार्यक्रमों को बढ़ावा देने के लिए कार्ययोजना तैयार करने हेतु विचार विमर्श किया गया। कार्यशाला के महत्व के बारे में बताते हुए कुलपति प्रो. राव ने कहा कि आयोजन का मुख्य उद्देश्य फसलों के लिए विभिन्न उन्नत किस्मों के गुणवत्तायुक्त बीजों के उत्पादन को बढ़ाना एवं बीज वितरण प्रणाली को सुदृढ़ एवं सुगम बनाते हुए बीजों की उपलब्धता को आसान एवं सुनिश्चित बनाना था। उक्त कार्ययोजना की विस्तृत रणनीति तैयार करने के लिए कार्यशाला को विभिन्न समूहों में विभक्त किया गया था। कार्यशाला में विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की गई। जैसे सम्पूर्ण विश्व में उपलब्ध अनुवांशिक संसाधनों को साझा करना, उत्कृष्ट फसल सुधार कार्यक्रमों का विकास, प्रजनन रखरखाव, नाभिकीय बीज, प्रजनक बीज उत्पादन एवं बेहतर किस्मों के प्रजनक बीज को सभी हितग्राहियों तक सुगमता से उपलब्ध कराना आदि।
कार्यशाला में कुलपति प्रो. एस. के. राव ने अपने व्याख्यान में विश्व भर के बीज प्रणाली विशेषज्ञों के बीच कहा कि किसानों के लिए उनकी सामथ्र्यता के अनुरुप गुणवत्तायुक्त बीज उपलब्ध कराने के लिए ‘‘बीज मूल्य श्रंखला‘‘ को विश्व स्तर पर मजबूत करने की आवश्यकता है। प्रत्येक देश एवं राज्यों को इसे स्थायी बनाने के लिए बीज विकास योजनाओं को विकसित करना चाहिए। टिकाऊ बीज प्रणाली में व्यवसाय को बेहतर बनाने के लिए उत्पाद आधारित प्रमुख वस्तुएं बीज बाजार की आवश्यकता रही हैं। 

दूसरे देश भी अपनाएंगे मप्र की बीज वितरण व्यवस्था
कार्यशाला में एशिया महाद्वीप का प्रतिनिधित्व कर रहे कुलपति प्रो. राव ने दुनिया भर के बीज प्रणाली विशेषज्ञों को मप्र की बीज उत्पादन वितरण व्यवस्था एवं उसमें सहकारी समितियों की भूमिका की विश्लेषणपरक जानकारी दी। उक्त कार्यशाला में भाग लेने वाले विभिन्न देशों के विशेषज्ञों ने मध्यप्रदेश में किसान बीज सहकारिता के माध्यम से विकसित टिकाऊ बीज उत्पादन प्रणाली प्रादर्श एवं मध्यप्रदेश राज्य विपणन संघ की वितरण प्रणाली को भविष्य में दुनिया के दूसरे हिस्सों में बीज प्रणाली के विकास के लिए सर्वश्रेष्ठ प्रादर्श माना।

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