जाति प्रथा के विरोधी थे बाबा साहेब: शर्मा

2017-12-06 18:20:36 135
Sandhya Desh


ग्वालियर । संविधान निर्माता भारत रत्न बाबा साहेब डाॅ. भीमराव अंबेडकर के निर्वाण दिवस पर आज भारतीय जनता पार्टी जिला ग्वालियर महानगर ने फूलबाग स्थित डाॅ भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।
भाजपा जिलाध्यक्ष देवेश शर्मा ने बताया कि 14 अपै्रल 1891 को मध्यप्रदेश में जन्मे संविधान निर्माता डाॅ भीमराव अंबेडकर का निधन 6 दिसंबर 1956 को हुआ था। शर्मा ने बाबा साहेब के बारे में बताते हुए कहा कि डाॅ भीमराव अंबेडकर जन्मजात प्रतिभा संपन्न थे, वे जाति प्रथा के विरोधी थे, बचपन में बाबा साहेब के परिवार के साथ सामाजिक और आर्थिक रूप से गहरा भेदभाव किया जाता था, उनका बचपन कठिनाईयों में बीता। उनके एक विद्धवान ब्रह्ामण शिक्षक महादेव अंबेडकर जो बाबा साहेब से विशेष स्नेह करते थे, के कहने पर बाबा साहेब ने अपने नाम के पीछे से सतपाल हटाकर अंबेडकर जोड लिया, जो कि उनके गांव के नाम अंबाडबे पर आधारित था। बाबा साहेब ने 8 अगस्त 1930 को एक शोषित वर्ग के सम्मेलन में अपनी राजनीतिक दृष्टि को दुनिया के सामने रखा, जिसके अनुसार शोषित वर्ग की सुरक्षा उसके स्वतंत्र होने में थी। बाबा साहेब अद्वितीय विद्यवान और विधिवेदता थे, जिसके कारण जब 15 अगस्त 1947 में कांग्रेस के नेतृत्व वाली नई सरकार आई तो उन्होंने बाबा साहेब को देश के पहले कानून मंत्री के रूप में आमंत्रित किया। बाबा साहेब अंबेडकर ने बौद्ध बिच्छू से पारंपरिक तरीके से तीन रत्न ग्रहण और पंचशील को अपनाते हुए बौद्ध धर्म ग्रहण किया था। 
श्रद्धांजलि कार्यक्रम में महापौर विवेक शेजवलकर, जीडीए अध्यक्ष अभय चैधरी, प्रदेश कार्यसमिति सदस्य वेदप्रकाश शर्मा, जिला महामंत्री कमल माखीजानी, शरद गौतम, सभापति राकेश माहौर, वरिष्ठ नेता ध्यानेंद्र सिंह, संभागीय मीडिया प्रभारी सुबोध दुबे, सहमीडिया प्रभारी पवन सेन, किसान मोर्चा अध्यक्ष भरत दांतरे, महिला मोर्चा अध्यक्ष श्रीमती खुशबू गुप्ता, भाजयुमो जिलाध्यक्ष विवेक शर्मा, राकेश गुप्ता, रामेश्वर भदौरिया, प्रमोद खंडेलवाल, रेखा धोलाखंडी, दीपक शर्मा, मंडल अध्यक्ष तिलकराज बैरी, विनय जैन, वेंकेटश भार्गव, राहुल ढमोले, नूतन श्रीवस्तव, अजय अरोरा, हरीश मेवाफरोश, संतोष गोडयाले, जंडेल गुर्जर, विनोद शर्मा, चेतन सोनी सहित सैकडों कार्यकर्ता उपस्थित थे।

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