अमेरिका में यूथ समिट में ईश्वर भाग लेंगे

2017-11-19 20:58:29 142
Sandhya Desh


ग्वालियर। अनंत उज्जवल पर अपनी बात रखने ईश्वर अग्रवाल आगामी 4-5 दिसंबर को अमेरिका के वाशिंगटन डीसी स्थित वल्र्ड बैंक हेडक्वार्टर में होने वाले यूथ समिट काॅम्पटीशन 2017 में भाग लेंगे।
यहां आपको बता दें कि दिल्ली निवासी ईश्वर पुत्र डीडी अग्रवाल ने दिल्ली विश्व का सबसे प्रदूषित शहर का मुख्य कारण शहरी नियोजन में असफलता माना है। दिल्ली में प्रदूषणकारी वाहनों की संख्या, प्रदूषणकारी उद्योग, एक अक्षय उर्जा ढांचे की कमी और पुरानी उर्जा ग्रीड जोकि उर्जा उत्पादन के लिए कोयले पर काफी निर्भर है वो दिल्ली को रहने के लिए अयोग्य बनाता है। इस समस्या के समाधान के लिए ईश्वर अग्रवाल ने अनंत उज्जल नामक प्रस्ताव वल्र्ड बैंक यूथ समिट काम्पटीशन 2017 को भेजा था। जिसके बाद इस प्रस्ताव को प्रतियोगिता के शीर्ष 6 में सम्मिलित किया गया। प्रतियोगिता में 100 देशों से आये 500 प्रस्तावों ने भाग लिया था। टीम अनंत उज्जवल को 4-5 दिसंबर को वल्र्ड बैंक हेडक्वार्टर वाशिंगटन डीसी में हो रहे वल्र्ड यूथ समिट के लिए आमंत्रित किया गया है।
यहां बता दें कि यूथ समिट सम्मेलन एक वार्षिक कार्यक्रम है जो युवा नेताओं, कार्यकर्ताओं, विकास पेशेवरों और वैश्विक युवाओं में रूचि रखने वाले अन्य लोगों की गतिशील पीढ़ी के माध्यम से विश्व बैंक समूह के काम में युवा लोगों को बेहतर ढंग से शामिल एवं बातचीत करने के लिए मंच के रूप में कार्य करता है। यूथ समिट 2017 की कार्यसूचि टेक्नोलाॅजी एंड इनवेशन फोर इम्पैक्ट है। 
समिट में ईश्वर अग्रवाल की परियोजना अनंत उज्जल का उददेश्य लोगों के बीच एनर्जी काॅन के आदान प्रदान की अनुमति देती है। ब्लाकचैन आधारित उर्जा लेन देन प्रणाली में सहकर्मियों के बीच उर्जा देना व लेना है। यह न केवल उर्जा क्षेत्र से जुड़ी समस्याओं का हल करता है। बल्कि टेक्नोलाॅजी को बढ़ावा देते हुये आधुनिक अक्षय उर्जा को भी बढ़ावा देता तथा रोजगार करता है। उनका मानना है कि नई दिल्ली अपनी परियोजना को लागू करने के लिए उत्तम स्थान है। 
ईश्वर अपने शोध को समझाते हुये मानते है कि यह प्रस्ताव अकेले ही पूरे उर्जा क्षेत्र को बदल सकता है। इस कदम का एक महत्वपूर्ण प्रभाव अक्षय उर्जा टेक्नोलाॅजी को अपनाने के लिए बढ़ता है। हम एक उर्जा क्षेत्र की उम्मीद करते हैं जो मुख्य रूप से नवीनीकरण द्वारा संचालित होते है। यहां अधिकांश उपभोक्ता भी उत्पादक होगा, जो न केवल उर्जा का इस्तेमाल करेगा बल्कि सोर्या प्रणाली, छोटे पैमाने पर पवन चक्की, सहकर्मी से लेन देन सुविधाओं और स्मार्ट अनुबंधन। उन्हें विश्वास है कि विश्व बैंक के विशेषज्ञ और दुनिया भर के युवाओं द्वारा प्रस्ताव की सराहना की जाएगी। 

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