छात्र-छात्राएं जन-जन तक पंहुचाएं स्वच्छता का संदेश : निगमायुक्त

2018-11-16 18:43:01 45
Sandhya Desh


ग्वालियर । स्वच्छता का मतलब केवल नगर निगम द्वारा की जाने वाली सफाई नहीं बल्कि प्रत्येक संस्था एवं परिसर में भी साफ सफाई होना एवं स्वच्छता के मापदंडों को पूरा करना आवश्यक है। इसके लिए विश्वविद्यालयों एवं महाविद्यालय के छात्र छात्राएं बहुत ही अच्छा स्रोत हैं जो कि स्वच्छता का संदेश जन जन तक पंहुचा सकते हैं। वहीं विश्वविद्यालय एवं महाविद्यालय का परिसर एवं प्रत्येक स्थान साफ व स्वच्छ रखकर नवाचार के माध्यम से कचरे का निष्पादन कर सकते हैं। वहीं देश में सबसे जागरुक शहर होने के लिए सभी छात्र छात्राएं स्वच्छता का एप अपने अपने मोबाइल में डाउनलोड करें और दूसरों को भी कराएं तथा स्वच्छा संबंधी जानकारियों अपलोड करें। उक्ताशय का आग्रह  निगमायुक्त विनोद शर्मा ने शुक्रवार को जीवाजी विश्वविद्यालय में आयोजित शहर में स्थापित सभी शासकीय व अशासकीय विश्वविद्यालयों एवं महाविद्यालयों के अधिकारियों की स्वच्छता जागरुकता कार्यशाला में व्यक्त किए।
जीवाजी विश्वविद्यालय के गालव सभागार में स्वच्छता सर्वेक्षण 2019 के लिए आमजनों को जागरुक करने हेतु शुक्रवार को जीवाजी विश्वविद्यालय में आयोजित शहर में स्थापित सभी शासकीय व अशासकीय विश्वविद्यालयों एवं महाविद्यालयों के अधिकारियों की स्वच्छता जागरुकता कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला में नगर निगम आयुक्त विनोद शर्मा, कुलपति जीवाजी विश्वविद्यालय श्रीमती संगीता शुक्ला, सीईओ स्मार्ट सिटी महीप तेजस्वी, उपायुक्त देवेन्द्र सुन्दरियाल, ब्रांड एम्बेसडर स्वच्छता अभियान पवन दीक्षित, गिरीश शर्मा एवं जीवाजी विश्वविद्यालय, एलएनआईपीई, राजामानसिंह संगीत एवं कला विश्वविद्यालय, ट्रिपल आईटीएम, पर्यटन संस्थान, आईटीएम एवं अपर संचालक उच्च शिक्षा विभाग व सभी शासकीय व अशासकीय महाविद्यालयों के अधिकारीगण उपस्थित थे। कार्यशाला को संबोधित करते हुए निगमायुक्त विनोद शर्मा ने कहा कि स्वच्छता का कार्य केवल नगर निगम का ही नहीं बल्कि सभी का है। निगमायुक्त ने बताया कि सभी संस्थाओं की जिम्मेदारी है कि वह अपनी संस्था साफ व स्वचछ रखें तथा स्वच्छता सर्वेक्षण के सभी मापदंडों को पूरा करें। इन सभी संस्थानों में सर्वेक्षण दल द्वारा निरीक्षण किया जाएगा तथा इनके कारण यदि ग्वालियर के नम्बर कटे तो इसके लिए यह स्वयं जिम्मेदार होगें तथा यह किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं होगा। इस अवसर पर सभी को स्वच्छता सर्वेक्षण 2019 के तहत क्या क्या तैयारी एवं व्यवस्थाएं करनी है इसकी पूरी जानकारी दी गई तथा एक फोल्डर भी सभी को उपलब्ध कराया गया।
निगमायुक्त ने बताया कि इस बार स्वच्छता सर्वेक्षण की चुनौती और ज्यादा कठिन है क्योंकि हमारे यहां मतदान भी हैं। इसके साथ ही पहले 3 भागों में तैयारी करनी थी अब 4 चरणों में सर्वेक्षण के अंक दिए जाएंगे। निगमायुक्त ने बताया कि कचरा हर हाल में सोर्स पर ही अलग अलग होना चाहिए तथा जैविक कचरे का डिस्पोजल सोर्स स्थल पर ही होना चाहिए। इसके लिए सभी विश्वविद्यालय एवं महाविद्यालयों में जैविक कचरे से बायो गैस या खाद आदि बनाना प्रारंभ करें सर्वेक्षण में इसके नम्बर मिलेगें। निगमायुक्त ने बताया विश्वविद्यालय एवं महाविद्यालयों की युवा शक्ति अपने शहर को सबसे जागरुक शहर बनाने की दिशा में भी प्रयास करें तथा स्वच्छता एप के माध्यम से अपनी स्वच्छता संबंधी शिकायतों का निराकरण कराएं। प्रारंभ में स्वच्छता सर्वेक्षण 2019 में किए जाने वाले कार्यों व नार्म्स की जानकारी सीईओ स्मार्ट सिटी महीप तेजस्वी ने दी। कार्यक्रम का संचालन उपायुक्त देवेन्द्र सुन्दरियाल ने किया। उन्होंने कुलपति श्रीमती शुक्ला से विश्वविद्यालय के दो लाख छात्रों के साथ स्वच्छता का कार्यक्रम कर वर्ल्ड रिकार्ड बनाने के लिए भी योजना बनाने की बात कही जिसे कुलपति द्वारा स्वीकृति प्रदान की गई। इस अवसर पर सभी को स्वच्छता का एप डाउनलोड करने को लेकर जानकारी दी गई।
 

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