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राजमाता के सहारे धूल चटाने की तैयारी में बीजेपी

2018-10-16 10:04:24 249
Sandhya Desh


मध्यप्रदेश में चुनावी डुगडुगी बजते ही बीजेपी-कांग्रेस तेज कदमों से सूबे का चक्कर लगाने लगी हैं. दोनों दल जीत के लिए दम भर रहे हैं और साम-दाम-दंड-भेद का हर नुस्खा भी आजमा रहे हैं. वहीं, पंद्रह साल से सत्ता का वनवास काट रही कांग्रेस इस बार पूरे जोश के साथ मैदान में दम दिखा रही है. हालांकि, इस बीच बीजेपी ने एक ऐसा दांव खेला है, जो कांग्रेस की उम्मीदों पर पानी फेर सकता है.
ग्वालियर राजवंश की राजमाता विजयाराजे सिंधिया की जन्म शताब्दी समारोह मनाकर बीजेपी जहां नारी शक्ति और नारी सम्मान का श्रेय ले रही है. वहीं, राजमाता के सहारे चुनावी कश्ती किनारे लगाने की जुगत में है. ये शताब्दी समारोह अगले साल 11 अक्टूबर तक चलेगा. हालांकि, इस कार्यक्रम का ज्यादा शोर हाल में चुनाव होने वाले प्रदेशों में है. खासकर मध्यप्रदेश और राजस्थान. राजमाता जनसंघ के संस्थापक सदस्यों में से एक रहीं. कहा ये भी जाता है कि उन्होंने बीजेपी को अपने आंचल में पालकर बड़ा किया है. हालांकि, विपक्ष का मानना है कि बीजेपी को चुनावी साल के चलते राजमाता की याद सता रही है, उनके पोते और कांग्रेस सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया भी कह चुके हैं कि बीजेपी को चुनाव के वक्त उनकी दादी याद आयीं हैं, जबिक पिछले 15 सालों से बीजेपी उन्हें भूली बैठी थी.
दरअसल, प्रदेश में चुनाव सिर पर है, इस बीच सिंधिया के इस बयान के मायने तो यही निकाले जा रहे हैं कि बीजेपी ने राजमाता को आइकॉन बनाकर एक चुनावी दांव खेला है क्योंकि चंबल अंचल के ग्वालियर और गुना में कुछ ऐसी सीटें हैं, जहां आज भी राजमाता का प्रभाव है. वह 1957 से 1991 तक आठ बार ग्वालियर और गुना संसदीय क्षेत्र से सांसद रह चुकी हैं. यही वजह है कि यहां की सीटों पर उनके नहीं होने के बावजूद उनकी पकड़ मजबूत है. ज्योतिरादित्य सिंधिया का प्रभाव ग्वालियर-चंबल संभाग की 34 सीटों के अलावा मालवा की दर्जन भर से अधिक सीटों पर भी दिखता है. इस बार कांग्रेस ने सिंधिया को सीएम का चेहरा तो नहीं बनाया. इसके बाजवजूद बीजेपी सिंधिया को घेरने में कोई कसर नहीं छोड़ रही. यही वजह है कि बीजेपी अब राजमाता के सहारे सिंधिया को कमजोर करने की कोशिश में है. या यूं कहें कि बीजेपी को अब राजमाता का सहारा है, अब इस नाम के सहारे बीजेपी चुनावी वैतरणी पार कर पाती है या नहीं. इसका फैसला चुनावी नतीजे ही करेंगे.

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